बिलासपुर…. नशे के खिलाफ छेड़े गए अभियान में बिलासपुर पुलिस ने एक बार फिर ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए स्थानीय स्तर पर नशीली दवाओं की बिक्री करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं, पहले से दर्ज गांजा तस्करी के एक बड़े मामले में उड़ीसा से फरार चल रहे सप्लायर को भी गिरफ्तार कर पुलिस ने यह साफ कर दिया है कि अब कार्रवाई केवल छोटे पैडलरों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरे नेटवर्क की परतें खोली जाएंगी।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन में चल रहे विशेष अभियान के तहत सिटी कोतवाली पुलिस को सूचना मिली कि अरपा बैराज और पचरी घाट क्षेत्र में नशीली दवाओं की अवैध बिक्री हो रही है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दो संदिग्धों को दबोच लिया।

तलाशी के दौरान विनोद साहू के कब्जे से 50 नाइट्राजेपाम टैबलेट और विशाल कुमार बुनकर के पास से 23 ओनेरेक्स कफ सिरप बरामद किए गए। दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार कार्रवाई का मकसद केवल नशीली दवाओं की बरामदगी नहीं, बल्कि यह पता लगाना भी है कि इन प्रतिबंधित दवाओं की आपूर्ति कहां से हो रही थी और इनके पीछे कौन लोग सक्रिय हैं। इसी वजह से पूरे नेटवर्क की एंड-टू-एंड जांच के साथ आर्थिक लेन-देन और अवैध कमाई की भी पड़ताल की जा रही है।

इसी अभियान के दौरान सिटी कोतवाली में पहले दर्ज 20 किलोग्राम गांजा तस्करी के मामले में फरार चल रहे मुख्य सप्लायर अजीत थनापति उर्फ भोला को उड़ीसा से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर उसे पकड़कर बिलासपुर लाया और न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

बिलासपुर पुलिस का कहना है कि नशे के कारोबार के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। केवल सड़क स्तर पर बिक्री करने वालों पर ही नहीं, बल्कि सप्लाई चेन, फाइनेंसर और पूरे सिंडिकेट पर भी शिकंजा कसा जाएगा।