गौरेला-पेंड्रा-मरवाही..मरवाही वन परिक्षेत्र में हाथियों की लगातार आवाजाही अब ग्रामीणों के लिए बड़ा खतरा बनती जा रही है। बहरी झोरकी गांव में बीती रात हाथियों के एक दल ने ऐसा उत्पात मचाया कि एक परिवार को अपनी जान बचाने के लिए आधी रात घर छोड़कर भागना पड़ा। हाथियों ने ग्रामीण राम सिंह के मकान और बाउंड्रीवॉल को तोड़ दिया। घर में रखा अनाज बिखेर दिया और घरेलू सामान को नुकसान पहुंचाया। खेत में खड़ी धान की फसल भी रौंद डाली। इतना ही नहीं, घर के पास लगा बोर भी क्षतिग्रस्त हो गया।

घटना के वक्त राम सिंह का परिवार घर के भीतर ही मौजूद था। देर रात अचानक हाथियों का दल गांव में पहुंचा और सीधे उनके घर की ओर बढ़ गया। देखते ही देखते हाथियों ने मकान में तोड़फोड़ शुरू कर दी। घर के आसपास भी जमकर उत्पात मचाया। अचानक सामने हाथियों को देखकर परिवार के लोग घबरा गए। हालात की गंभीरता को समझते हुए माता-पिता बच्चों को साथ लेकर घर से बाहर भागे और किसी तरह अपनी जान बचाई। परिवार के लिए यह पूरी रात दहशत और खौफ में गुजरी।

हाथियों के हमले में एक मवेशी भी गंभीर रूप से घायल हुआ है। मकान, बाउंड्रीवॉल, बोर और फसल को हुए नुकसान से पीड़ित परिवार को बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। घटना के बाद से बहरी झोरकी के ग्रामीणों में भय का माहौल है।

 हाथी दलों की मौजूदगी से बढ़ी चिंता

क्षेत्र में एक साथ तीन अलग-अलग हाथी दलों की मौजूदगी ने ग्रामीणों की चिंता और बढ़ा दी है। हाथियों की आवाजाही के डर से लोग खेतों की ओर जाने से बच रहे हैं। रात के समय घरों से बाहर निकलना भी जोखिम भरा हो गया है। ग्रामीणों को आशंका है कि हाथियों का अगला निशाना कोई दूसरा घर या खेत भी बन सकता है।

ग्रामीणों की नजर अब वन विभाग की कार्रवाई पर है। प्रभावित परिवार और गांव के लोग नुकसान का वास्तविक आकलन कर उचित मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं। साथ ही हाथियों की आवाजाही पर निगरानी बढ़ाने और ग्रामीणों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की जरूरत जताई जा रही है।