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Bilaspur

मंच पर भाषण, हॉल में वीरानी: भाजपा का ‘जनआक्रोश’ फ्लॉप शो

भीड़ बुलानी थी, सन्नाटा आ गया: महिला मोर्चा सम्मेलन बना मजाक

बिलासपुर…जनआक्रोश’ के नाम पर बुलाया गया सम्मेलन, लेकिन हॉल में गूंजती रही खामोशी। भाजपा महिला मोर्चा के जिला स्तरीय आयोजन ने मुद्दों से ज्यादा संगठन की अंदरूनी स्थिति को बेनकाब कर दिया। मंच सजा, चेहरे दमके, लेकिन सामने बैठने वाला जनसमर्थन नदारद रहा—और यहीं से शुरू हो गई असल कहानी।

मंच भरा, मैदान खाली

कार्यक्रम में शहर की प्रमुख महिला पदाधिकारी मौजूद रहीं। मेयर पूजा विधानी समेत कई वरिष्ठ चेहरे मंच पर दिखाई दिए। भाषणों की तैयारी भी पूरी थी, लेकिन जैसे ही नजर हॉल पर गई, तस्वीर बदल गई—आधी से ज्यादा कुर्सियाँ खाली। जिस सम्मेलन को ‘जनआक्रोश’ की ताकत दिखानी थी, वहीं कार्यकर्ताओं की गैरमौजूदगी ने सवालों का पहाड़ खड़ा कर दिया।

मंच से ही झलकी नाराजगी

स्थिति इतनी असहज रही कि मेयर पूजा विधानी को खुद मंच से प्रतिक्रिया देनी पड़ी। उन्होंने कार्यकर्ताओं की कम उपस्थिति पर हैरानी जताई। यह प्रतिक्रिया सिर्फ औपचारिक नहीं थी—बल्कि उस बेचैनी का संकेत थी, जो संगठन के भीतर पनप रही है।

बाहर का मुद्दा, अंदर का गुस्सा

सम्मेलन का एजेंडा नारी शक्ति वंदन जैसे राष्ट्रीय मुद्दे पर केंद्रित था, लेकिन जमीनी सच्चाई कुछ और ही कहानी कहती दिखी। पार्टी के भीतर लंबे समय से चल रही उपेक्षा, पद वितरण में असंतुलन और कार्यकर्ताओं की अनदेखी—इन सबका असर इस आयोजन में साफ दिखाई दिया। जो कार्यकर्ता चुनावी समय में सबसे आगे रहते हैं, वही इस बार दूरी बनाकर खड़े नजर आए।

खाली कुर्सियाँ बनीं संदेशवाहक

इस आयोजन में सबसे ज्यादा चर्चा भाषणों की नहीं, बल्कि खाली कुर्सियों की रही। यह दृश्य अपने आप में एक ‘मौन विरोध’ था—एक ऐसा संदेश, जिसे शब्दों की जरूरत नहीं पड़ी। स्थानीय राजनीति में इसे कार्यकर्ताओं की तरफ से साफ संकेत माना जा रहा है कि अब सिर्फ दिखावे की राजनीति और मंचीय प्रदर्शन से बात नहीं बनेगी।

संगठन के लिए चेतावनी की घंटी

यह पूरा घटनाक्रम भाजपा संगठन के लिए सिर्फ एक असफल कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक गंभीर संकेत है।
अगर जमीनी स्तर पर नाराजगी को समय रहते नहीं संभाला गया, तो इसका असर आने वाले चुनावी समीकरणों पर भी पड़ सकता है।

Bhaskar Mishra

पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 16 साल का अनुभव।विभिन्न माध्यमों से पत्रकारिता के क्षेत्र मे काम करने का अवसर मिला।यह प्रयोग अब भी जारी है।कॉलेज लाइफ के दौरान से पत्रकारिता से गहरा जुड़ाव हुआ।इसी दौरान दैनिक समय से जुडने का अवसर मिला।कहानी,कविता में विशेष दिलचस्पी ने पहले तो अधकचरा पत्रकार बनाया बाद में प्रदेश के वरिष्ठ और प्रणम्य लोगों के मार्गदर्शन में संपूर्ण पत्रकारिता की शिक्षा मिली। बिलासपुर में डिग्री लेने के दौरान दैनिक भास्कर से जु़ड़ा।2005-08 मे दैनिक हरिभूमि में उप संपादकीय कार्य किया।टूडे न्यूज,देशबन्धु और नवभारत के लिए रिपोर्टिंग की।2008- 11 के बीच ईटीवी हैदराबाद में संपादकीय कार्य को अंजाम दिया।भाग दौड़ के दौरान अन्य चैनलों से भी जुडने का अवसर मिला।2011-13 मे बिलासपुर के स्थानीय चैनल ग्रैण्ड न्यूज में संपादन का कार्य किया।2013 से 15 तक राष्ट्रीय न्यूज एक्सप्रेस चैनल में बिलासपुर संभाग व्यूरो चीफ के जिम्मेदारियों को निभाया। 1998-2000 के बीच आकाशवाणी में एनाउँसर-कम-कम्पियर का काम किया।वर्तमान में www.cgwall.com वेबपोर्टल में संपादकीय कार्य कर रहा हूं।
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