100 साल की परंपरा का शंखनाद: 2 अप्रैल को गूंजेगा हनुमान जन्मोत्सव
सुबह सुंदरकांड पाठ से लेकर शाम भव्य शोभायात्रा तक—पूरा शहर भक्ति में डूबने को तैयार

रामानुजगंज..( पृथ्वी लाल केशरी)…रामानुजगंज में हनुमान जन्मोत्सव 2026 को लेकर तैयारियां अपने चरम पर पहुंच चुकी हैं। चैत्र पूर्णिमा, गुरुवार 2 अप्रैल को मनाए जाने वाले इस पर्व के लिए शहर के मंदिरों में विशेष सजावट के साथ धार्मिक आयोजनों की रूपरेखा तय कर ली गई है। इस दिन भक्त सिंदूर और चमेली के तेल से बजरंगबली को चोला अर्पित करेंगे, वहीं सामूहिक हनुमान चालीसा और सुंदरकांड पाठ के जरिए पूरा वातावरण भक्तिमय होगा।
शहर के प्राचीन हनुमान मंदिर में हर वर्ष की तरह इस बार भी सुबह पूजा-अर्चना के साथ कार्यक्रम की शुरुआत होगी। इसके बाद सुंदरकांड का पाठ किया जाएगा और हवन-पूजन के साथ पूर्णाहुति दी जाएगी। धार्मिक अनुष्ठान के बाद श्रद्धालुओं के बीच बूंदी के लड्डू और गुड़-चना का प्रसाद वितरित किया जाएगा। मंदिर परिसर में सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़ने के आसार हैं।
दिन ढलते ही भक्ति का उत्साह सड़कों पर उतर आएगा। हनुमान मंडली आयोजन समिति के नेतृत्व में शाम 4 बजे गाजे-बाजे के साथ भव्य शोभायात्रा निकलेगी। यह शोभायात्रा बीच बाजार स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर से प्रारंभ होकर पीपल चौक, आड़त रोड, चांदनी चौक और लरंगसाय चौक होते हुए गांधी चौक तक पहुंचेगी। शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरती यह यात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रदर्शन होगी, बल्कि रामानुजगंज की सांस्कृतिक विरासत का जीवंत दृश्य भी प्रस्तुत करेगी।
करीब 100 वर्षों से चली आ रही इस परंपरा को निभाते हुए शोभायात्रा का समापन कन्हर नदी के तट स्थित प्राचीन श्रीराम मंदिर में होगा। यहां भगवान श्रीराम की आरती के बाद प्रसाद वितरण किया जाएगा और पूरे आयोजन का समापन होगा।
हनुमान मंडली आयोजन समिति ने शहर के सभी धर्मप्रेमी नागरिकों से इस आयोजन में परिवार सहित शामिल होने की अपील की है। साफ संकेत है—2 अप्रैल को रामानुजगंज सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि भक्ति और परंपरा का उत्सव बनकर सामने आएगा।




