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Bilaspur

राष्ट्रीय महिला आयोग के सामने खुली 58 फाइलें—सिस्टम को सख्त अल्टीमेटम

58 मामलों की गूंज—राष्ट्रीय महिला आयोग ने बढ़ाई सिस्टम की धड़कन

बिलासपुर…महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता को लेकर बिलासपुर में एक दिन में कई स्तरों पर सख्त और व्यापक पहल सामने आई। राष्ट्रीय महिला आयोग अध्यक्ष विजया रहाटकर ने न केवल प्रशासन और पुलिस की जवाबदेही तय की, बल्कि बेटियों के करियर, महिलाओं के डिजिटल सशक्तिकरण और पीड़िताओं को त्वरित न्याय के लिए स्पष्ट निर्देश भी दिए।

जनसुनवाई में 58 मामले, तत्काल कार्रवाई

जल संसाधन विभाग परिसर में आयोजित महिला जनसुनवाई में घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना, कार्यस्थल उत्पीड़न, साइबर अपराध और पारिवारिक विवाद से जुड़े 58 प्रकरण सामने आए। हर मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए। प्रकरणों को पुलिस, नवा बिहान, विधिक सेवा प्राधिकरण और वन स्टॉप सेंटर को सौंपा गया, साथ ही हर केस की प्रगति रिपोर्ट आयोग तक भेजने को कहा गया।

प्रशासन-पुलिस को चेतावनी— बर्दाश्त नहीं

समीक्षा बैठक में महिला अपराध, बाल विवाह, मानव तस्करी, टोनही प्रथा और सामाजिक बहिष्कार जैसे गंभीर मुद्दों पर सीधी जवाबदेही तय की गई। साफ संदेश—महिला प्रकरणों में देरी या लापरवाही अब स्वीकार नहीं होगी। थानों में संवेदनशीलता, त्वरित जांच और पीड़िताओं को कानूनी व मनोवैज्ञानिक सहयोग सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

बेटियों को डिफेंस और सेवाओं का रास्ता

स्व. लखीराम अग्रवाल ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यशाला में 16 से 23 वर्ष की छात्राओं को डिफेंस और प्रशासनिक सेवाओं के लिए मार्गदर्शन दिया गया। बेटियों को स्पष्ट संदेश—अनुशासन, आत्मविश्वास और लक्ष्य के साथ आगे बढ़ो, देश सेवा के दरवाजे खुले हैं। फाइटर पायलट अवनी चतुर्वेदी का उदाहरण देते हुए बड़ी सोच और तैयारी पर जोर दिया गया।

डिजिटल युग में ‘यशोदा AI’ से नई ताकत

स्व सहायता समूह की महिलाओं के लिए ‘यशोदा AI’ प्रशिक्षण कार्यक्रम में डिजिटल स्किल्स पर फोकस रहा। महिलाओं को ऑनलाइन मार्केटिंग, डिजाइन और तकनीकी उपयोग सिखाया गया, ताकि वे अपने उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचा सकें और आर्थिक रूप से मजबूत बनें। दीदियों ने इसे नए अवसरों का दरवाजा बताया।

योजनाओं और जमीनी प्रयासों की समीक्षा

बैठक में वन स्टॉप सेंटर, महिला हेल्पलाइन, मिशन शक्ति और महतारी वंदन योजना की प्रगति पर भी चर्चा हुई। प्रशासन ने बताया कि योजनाओं से महिलाओं का आत्मविश्वास और आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है, वहीं पुलिस ने संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त और त्वरित कार्रवाई का दावा रखा।

सम्मानजनक और न्यायपूर्ण माहौल

दौरे के अंत में साफ कर दिया गया—महिलाओं के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण देना सिर्फ वादा नहीं, शासन-प्रशासन की जिम्मेदारी है। आने वाले समय में निगरानी और सख्ती दोनों बढ़ेंगी।

Bhaskar Mishra

पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 16 साल का अनुभव।विभिन्न माध्यमों से पत्रकारिता के क्षेत्र मे काम करने का अवसर मिला।यह प्रयोग अब भी जारी है।कॉलेज लाइफ के दौरान से पत्रकारिता से गहरा जुड़ाव हुआ।इसी दौरान दैनिक समय से जुडने का अवसर मिला।कहानी,कविता में विशेष दिलचस्पी ने पहले तो अधकचरा पत्रकार बनाया बाद में प्रदेश के वरिष्ठ और प्रणम्य लोगों के मार्गदर्शन में संपूर्ण पत्रकारिता की शिक्षा मिली। बिलासपुर में डिग्री लेने के दौरान दैनिक भास्कर से जु़ड़ा।2005-08 मे दैनिक हरिभूमि में उप संपादकीय कार्य किया।टूडे न्यूज,देशबन्धु और नवभारत के लिए रिपोर्टिंग की।2008- 11 के बीच ईटीवी हैदराबाद में संपादकीय कार्य को अंजाम दिया।भाग दौड़ के दौरान अन्य चैनलों से भी जुडने का अवसर मिला।2011-13 मे बिलासपुर के स्थानीय चैनल ग्रैण्ड न्यूज में संपादन का कार्य किया।2013 से 15 तक राष्ट्रीय न्यूज एक्सप्रेस चैनल में बिलासपुर संभाग व्यूरो चीफ के जिम्मेदारियों को निभाया। 1998-2000 के बीच आकाशवाणी में एनाउँसर-कम-कम्पियर का काम किया।वर्तमान में www.cgwall.com वेबपोर्टल में संपादकीय कार्य कर रहा हूं।
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