रायपुर…छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने 19 नायब तहसीलदारों को तहसीलदार के पद पर पदोन्नत करते हुए नई पदस्थापना दी है। आदेश 29 सितंबर 2026 को जारी हुआ। पदोन्नति के साथ ही अधिकारियों को अलग-अलग जिलों और कार्यालयों में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।

पदोन्नति पाने वाले अधिकारियों में आयुष तिवारी को सारंगढ़-बिलाईगढ़ से बलौदाबाजार-भाटापारा, उमेश कुमार लहरी को बेमेतरा से महासमुंद, मोहित कुमार अमीला को महासमुंद से बालोद और अब्दुल वसीम सिद्दीकी को राजनांदगांव से दुर्ग पदस्थ किया गया है।

इसी तरह योगेश राजपूत को गरियाबंद से दुर्ग भेजा गया है। अभिषेक अग्रवाल को बलौदाबाजार-भाटापारा, श्रद्धा सिंह को बिलासपुर स्थित राजस्व निरीक्षक प्रशिक्षण शाला, सृजल साहू को जांजगीर-चांपा से महासमुंद और प्रशांत गुप्ता को जांजगीर-चांपा से नारायणपुर की जिम्मेदारी दी गई है।

आदेश के मुताबिक प्रकाश पटेल को सारंगढ़-बिलाईगढ़, चन्द्र कुमार को जांजगीर से बलरामपुर-रामानुजगंज, हुलेश्वर कुमार को कबीरधाम से खैरागढ़-छुईखदान-गंडई और जयंत कुमार पटेल को बेमेतरा से रायगढ़ भेजा गया है।

वहीं विभोर यादव को बिलासपुर, कोमल प्रसाद साहू को सारंगढ़-बिलाईगढ़ से सक्ती और शशि नर्मदा को नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण से मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर पदस्थ किया गया है। सूची में जानकी काठले कोरबा और नागेश तांजय को कबीरधाम से राजनांदगांव भेजे गए हैं।

जांच या निलंबन हुआ तो पदोन्नति आदेश शून्य

सरकार ने पदोन्नति के साथ महत्वपूर्ण शर्त भी लगाई है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि सूची में शामिल किसी नायब तहसीलदार के खिलाफ विभागीय जांच चल रही है, लंबित है या जांच आदेशित है अथवा संबंधित अधिकारी निलंबित है, तो उसके मामले में पदोन्नति आदेश शून्य माना जाएगा।

नई पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण करने के लिए भी समयसीमा तय की गई है। आदेश के अनुसार कार्यमुक्त होने की तारीख से 10 दिनों के भीतर नई पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण नहीं करने पर पदोन्नति आदेश स्वतः निरस्त माना जाएगा।