बिलासपुर..बिलासपुर के युवा कांग्रेस नेता अरविंद कुमार शुक्ला इन दिनों असम के समागुड़ी विधानसभा क्षेत्र में पार्टी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभालते हुए लगातार मैदान में सक्रिय हैं। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की ओर से सौंपी गई जिम्मेदारी के बाद शुक्ला क्षेत्र में लगातार जनसंपर्क, बैठकें और पब्लिक मीटिंग कर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को चुनावी अभियान के लिए सक्रिय कर रहे हैं। समागुड़ी नागांव लोकसभा उपचुनाव के लिहाज से भी महत्वपूर्ण क्षेत्र है और यहां कांग्रेस का अभियान लगातार तेज हो रहा है।

शुक्ला की सक्रियता का केंद्र संगठन के साथ सीधा संवाद और स्थानीय लोगों से संपर्क है। कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठकों के अलावा वे लगातार क्षेत्र के लोगों के बीच पहुंच रहे हैं। स्थानीय मुद्दों पर बातचीत और पार्टी के पक्ष को सामने रखने के दौरान उनकी सभाओं और बैठकों में लोगों की भागीदारी भी दिखाई दे रही है।

अरविंद ने कहा कि सत्ता पक्ष की ओर से कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ सत्ता शक्ति का इस्तेमाल कर उन्हें परेशान करने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यकर्ताओं को लगातार धमकियां दी जा रही हैं, लेकिन इसके बावजूद कांग्रेस कार्यकर्ता मैदान छोड़ने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता भी परिवर्तन के लिए तैयार है और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार किसी दबाव से खत्म नहीं किया जा सकता।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस आजादी के संघर्ष से निकली पार्टी है और वह किसी धमकी या दबाव के सामने झुकने वाली नहीं है। ऐसी परिस्थितियां कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के हौसले को कमजोर नहीं कर सकतीं। उनका कहना है कि विघटनकारी ताकतों के सामने कांग्रेस कार्यकर्ता झुकने के लिए तैयार नहीं हैं और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी लड़ाई मजबूती के साथ जारी रखेंगे।

शुक्ला ने कहा कि उनका लक्ष्य सिर्फ चुनावी प्रचार तक सीमित नहीं है, बल्कि संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करना और कार्यकर्ताओं में विश्वास पैदा करना भी है। वे लगातार स्थानीय कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ संवाद कर रहे हैं। उनके लगातार दौरे और बैठकों को लेकर स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भी सक्रियता बढ़ी है।

बिलासपुर से निकलकर असम के दूरस्थ क्षेत्र में मिली यह जिम्मेदारी अरविंद शुक्ला के लिए संगठनात्मक स्तर पर महत्वपूर्ण मानी जा रही है। वरिष्ठ नेताओं के साथ उनके समन्वय और संगठन में सक्रिय भूमिका के चलते उन्हें यह दायित्व सौंपा गया है। अब समागुड़ी में वे लगातार जनसंपर्क के जरिए कांग्रेस के अभियान को गति देने में जुटे हैं।

समागुड़ी में चुनावी गतिविधियों के बीच कांग्रेस के अभियान से जुड़े कार्यकर्ताओं पर हमले और पथराव की घटनाएं भी सामने आई हैं। 21 सितंबर को कांग्रेस के एक काफिले पर पथराव की घटना के बाद पुलिस कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे थे।

इन परिस्थितियों के बीच अरविंद शुक्ला का लगातार क्षेत्र में बने रहना और कार्यकर्ताओं के साथ संवाद करना उनके अभियान का प्रमुख हिस्सा है। उनका कहना है कि कांग्रेस जनता के बीच जाएगी, संगठन को मजबूत करेगी और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात मजबूती के साथ रखेगी।