रायपुर ।छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग ने राज्य की सभी शालाओं में 26 दिसंबर 2025 को पिछले वर्ष की तरह इस बार भी वीर बाल दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। इस संबंध में मंत्रालय, महानदी भवन नवा रायपुर द्वारा लोक शिक्षण संचालनालय को निर्देश जारी किए गए हैं। निर्देशानुसार, इस दिन सभी शालाओं में वीर बाल दिवस से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी, जिनमें विशेष रूप से इसी विषय पर भाषण प्रतियोगिता कराई जाएगी। कार्यक्रमों के आयोजन हेतु जिलों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करने के लिए कहा गया है।

राज्य सरकार का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के स्कूली बच्चों को वीर साहिबजादों के बलिदान और संघर्ष की सच्ची कहानी से अवगत कराना है। जिसमें बताया जाएगा कि किस प्रकार छोटी उम्र में ही उन्होंने धर्म और सिद्धांतों की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। साथ ही यह भी पढ़ाया जाएगा कि किस तरह लालच में आकर रसोइए गंगू ने माता गुजरी और साहिबजादों को मुगलों के हाथों सौंप दिया।

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बताते चले कि बीते साल छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल के पाठ्यक्रम में वीर साहिबजादों की बहादुरी, त्याग और आज्ञा पालन की प्रेरक गाथा को जोड़े जाने का निर्णय लिया गया था। यह घोषणा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर में वीर बाल दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान की थी और इस अवसर पर एक बौद्धिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया था, जिसमें एनिमेटेड फिल्म का प्रदर्शन भी हुआ था ।

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