प्रयागराज। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, प्रयागराज के नाम से कथित रूप से तैयार किए गए फर्जी कार्यालय आदेश को सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल माध्यमों पर प्रसारित किए जाने का मामला सामने आया है।

मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अनिल कुमार ने थाना प्रभारी निरीक्षक, कर्नलगंज को पत्र भेजकर अज्ञात व्यक्ति या व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर विधिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

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जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की ओर से जारी पत्र के अनुसार, विभाग की ओर से 17 अगस्त को आदेश संख्या 410/2026-27, 18 अगस्त को आदेश संख्या 412/2026-27 और 19 अगस्त को आदेश संख्या 420/2026-27 जारी किए गए थे। इसी बीच 19 अगस्त को दोपहर करीब 3:58 बजे सोशल मीडिया के माध्यम से एक पत्र प्रसारित होने की जानकारी मिली।

इस पत्र में विभाग के पूर्व में जारी कार्यालय आदेश की तिथि में कथित रूप से बदलाव कर उसे सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से प्रसारित किया गया था।

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इसके बाद 20 अगस्त को आदेश संख्या 421/2026-27 जारी कर स्पष्ट किया गया कि सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जा रहा संबंधित पत्र फर्जी है। पत्र में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी का नाम, कार्यालय का प्रारूप, पत्रांक, तिथि, पदनाम और हस्ताक्षर का कथित रूप से कूटरचित तरीके से इस्तेमाल किया गया है।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने कर्नलगंज पुलिस को भेजे पत्र में कहा है कि फर्जी पत्र को वास्तविक सरकारी आदेश के रूप में प्रस्तुत और प्रसारित करने का प्रयास किया गया। इससे आमजन, विद्यालयों और संबंधित अधिकारियों के बीच भ्रम एवं अनावश्यक अव्यवस्था उत्पन्न होने की आशंका है। पत्र तैयार करने वाले व्यक्ति या व्यक्तियों ने सरकारी कार्यालय के पत्र का दुरुपयोग कर उसे वास्तविक रूप देने का प्रयास किया।

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पत्र में पुलिस से अनुरोध किया गया है कि अज्ञात व्यक्ति या व्यक्तियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर विधि सम्मत कार्रवाई की जाए। साथ ही यह भी पता लगाया जाए कि फर्जी पत्र किस मोबाइल नंबर, ई-मेल, सोशल मीडिया खाते, व्हाट्सऐप समूह या अन्य डिजिटल माध्यम से तैयार और प्रसारित किया गया।

पुलिस से फर्जी पत्र के मूल स्रोत और उसे तैयार करने वाले व्यक्ति की पहचान के लिए तकनीकी एवं साइबर जांच कराने को कहा गया है। पत्र के मूल स्रोत, प्रिंट अथवा निर्माण करने वाले व्यक्ति तथा उसे आगे प्रसारित करने वालों का पता लगाने की बात कही गई है।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने कार्रवाई के दौरान भारतीय न्याय संहिता, 2023 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की प्रासंगिक धाराओं के तहत आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है, ताकि दोषी व्यक्ति के खिलाफ प्रभावी अभियोजन किया जा सके।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया अथवा अन्य डिजिटल माध्यमों पर प्रसारित किसी भी संदिग्ध कार्यालय आदेश को बिना पुष्टि के वास्तविक न माना जाए। ऐसे आदेशों की सत्यता के लिए संबंधित विभाग या कार्यालय से जानकारी लेना आवश्यक है।