Teacher Recruitment।लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों के संचालन को बेहतर बनाने के निर्देश दिए हैं। बीते दिनों लखनऊ में छात्र-छात्राओं के प्रदर्शन पर बेहद गंभीर मुख्यमंत्री ने गुरुवार को समाज कल्याण विभाग की समीक्षा की।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इन विद्यालयों के संचालन को व्यापक बदलाव की रूपरेखा बनाएं। स्पष्ट नियमावली तैयार की जाए और सोसाइटी के गठन की कार्रवाई करें।

उन्होंने निर्देश दिए विद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पदों पर चयन की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ाया जाए। कोई भी पद खाली नहीं रहना चाहिए, ताकि इन आवासीय विद्यालयों का प्रबंधन और संचालन अधिक व्यवस्थित से हो सके।

समाज कल्याण विभाग की समीक्षा करते हुए गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विद्यालयों में शिक्षकों और अन्य आवश्यक स्टाफ की उपलब्धता, विद्यार्थियों को मिल रही सुविधाओं तथा प्रबंधन व्यवस्था की जानकारी ली।

उनको बताया गया कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में 93 जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय संचालित थे, जबकि वर्ष 2025-26 तक इनकी संख्या बढ़कर 103 हो गई है। इनमें 59 विद्यालय सीबीएसई तथा 44 विद्यालय यूपी बोर्ड से संबद्ध हैं।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने ने निर्देश दिया कि वृद्धावस्था पेंशन से अब तक वंचित पात्र वृद्धजन के आवेदनों का सत्यापन कराकर पेंशन से लाभांवित कराया जाए। सभी आवेदन के सत्यापन से लेकर पेंशन स्वीकृति तक की प्रक्रिया समयबद्ध हो। उनको बताया गया कि राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना में वर्ष 2017-18 में 37.47 लाख लाभार्थियों की संख्या बढ़कर वर्ष 2025-26 में 67.50 लाख हो गई है। वर्तमान में लगभग 11.50 लाख नए आवेदन लंबित हैं।

मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन उपलब्ध कराने और योजना का दायरा बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करें और श्रेष्ठ शिक्षकों व विशेषज्ञों के अनुभव का विद्यार्थियों को लाभ दिलाया जाए।

उनको बताया गया कि प्रदेश के सभी जिलों में योजना के तहत 163 केंद्र संचालित हैं। इन केंद्रों पर 1,783 इम्पैनल्ड शिक्षक हैं और यूपीएससी, पीसीएस, नीट, जेईई, एनडीए-सीडीएस सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए 23,801 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। विभाग चार सेंटर आफ एक्सीलेंस भी संचालित कर रहा है। बैठक में समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण, मुख्य सचिव और सचिव समाज कल्याण विभाग अनुराग यादव भी मौजूद थे।