रायपुर। दाऊ वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय, दुर्ग के रजिस्ट्रार ने आदेश जारी कर भर्ती प्रक्रिया व इंटरव्यू को स्थगित कर दिया है। जारी आदेश में रजिस्ट्रार ने कुलाधिपति के निर्देशों का परिपालन करते हुए इंटरव्यू स्थगित करने का हवाला दिया है।

दाऊ वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय, दुर्ग में 13 जुलाई 2026 के माध्यम से विज्ञापित शिक्षण पदों के लिए भर्ती संबंधी सभी गतिविधियाँ, जिनमें 02 अक्टूबर 2026 से 17 अक्टूबर 2026 के बीच निर्धारित डोमेन नॉलेज टेस्ट/साक्षात्कार भी शामिल है, तत्काल प्रभाव से स्थगित की जाती हैं। यह आदेश 01 अक्टूबर 2026 के अनुपालन में जारी किया गया है।

उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे उपर्युक्त संदर्भित संकाय भर्ती से संबंधित किसी भी अपडेट के लिए विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर नजर रखें।

बता दें, छत्तीसगढ़ के दाऊ वासुदेव चन्द्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय, अंजोरा, दुर्ग में शैक्षणिक पदों पर भर्ती, नियुक्ति एवं साक्षात्कार संबंधी समस्त प्रक्रिया एवं कार्यवाही को तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश तक स्थगित कर दिया है। लोकभवन से इस संबंध में आदेश जारी किया गया है।

राज्यपाल के उप सचिव निधि साहू के हस्ताक्षर से जारी आदेश में लिखा है, भवनों के निर्माण एवं रखरखाव कार्य तथा शैक्षणिक पदों पर भर्ती में अनियमितता एवं भ्रष्टाचार के संबंध में प्राप्त शिकायतों का राज्यपाल एवं कुलाधिपति द्वारा संज्ञान लिया गया है।

कुलाधिपति के निर्देशानुसार, दाऊ वासुदेव चन्द्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय अधिनियम, 2011 की धारा-52 में निहित प्रावधान अंतर्ग कुलाधिपति, दाऊ वासुदेव चन्द्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय, अंजोरा, दुर्ग द्वारा दाऊ वासुदेव चन्द्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय, अंजोरा, दुर्ग के भवनों के निर्माण एवं रखरखाव कार्यों में अनियमितताओं हेतु विश्वविद्यालय में चल रही जांच की प्रगति के निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं।

निर्देशानुसार साथ ही विश्वविद्यालय में शैक्षणिक पदों पर भर्ती, नियुक्ति एवं साक्षात्कार संबंधी समस्त प्रक्रिया एवं कार्यवाही को तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश तक स्थगित किया जाता है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से प्रभावशील होगा।

वर्ष 2023 से ही विश्वविद्यालय में प्राध्यापकों और अन्य पदों की भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण रोस्टर और बैकलॉग के पदों को प्रभावित किए जाने के आरोप लगे थे।

गंभीर शिकायतों के बाद राजभवन ने कड़ा कदम उठाते हुए विश्वविद्यालय में शैक्षणिक पदों की भर्ती, नियुक्ति और साक्षात्कार की पूरी प्रक्रिया पर आगामी आदेश तक तत्काल प्रभाव से रोक (स्थगन) लगा दी है।

कृषि विकास, किसान कल्याण और पशुधन विकास मंत्री रामविचार नेताम ने मामले की उच्चस्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं तथा जांच पूरी होने तक सभी आगामी भर्ती प्रक्रियाओं को स्थगित रखने को कहा है।

भर्ती के अलावा विश्वविद्यालय में विभिन्न उपकरणों की खरीदी में भी गड़बड़ी के आरोप हैं, जिन्हें विधानसभा और स्थानीय स्तर पर उठाया जा चुका है।