रतनपुर… रात के सन्नाटे में एक घर और सदगुरु कबीर आश्रम को निशाना बनाने वाले दो आरोपियों की कहानी चोरी के माल को ठिकाने लगाने से पहले ही खत्म हो गई। घर से सोने-चांदी के जेवर और कपड़े तथा आश्रम से चांदी का छत्र चोरी करने के बाद दोनों आरोपी चोरी का सामान बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहे थे। इसी दौरान मिली मुखबिर की सूचना पर रतनपुर पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया। पुलिस के मुताबिक आरोपियों के कब्जे से करीब 2 लाख 14 हजार रुपये कीमत के सोने-चांदी के जेवर, कपड़े और नगदी बरामद की गई है।

पुलिस के अनुसार ढोलपारा निवासी बलराम बरगाह रात में घर का दरवाजा बंद कर सोए थे। सुबह उठने पर दरवाजा खुला मिला। घर में रखी पेटी की जांच करने पर चांदी के लच्छे, ब्रेसलेट, चेन, चूड़ी, सोने का मंगलसूत्र, फुल्ली और टॉप के साथ करीब 10-12 साड़ियां गायब थीं। चोरी गए सामान की कीमत करीब 1.60 लाख रुपये बताई गई है।

इसी रात सदगुरु कबीर आश्रम में भी चोरी हुई। आश्रम के कमरे का ताला तोड़कर करीब 500 ग्राम वजनी चांदी का छत्र गायब कर दिया गया। इसकी कीमत करीब 80 हजार रुपये बताई गई है। दोनों घटनाओं की सूचना मिलने के बाद रतनपुर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों की तलाश शुरू की।

पुलिस की टीम जांच में जुटी ही थी कि इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि दो संदिग्ध व्यक्ति सोने-चांदी का सामान औने-पौने दाम पर बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में दोनों ने ढोलपारा स्थित बलराम बरगाह के घर और सदगुरु कबीर आश्रम में चोरी करना स्वीकार किया।

इसके बाद पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी किए गए सोने-चांदी के जेवर, कपड़े और नगदी बरामद कर ली। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रामकुमार केंवट, निवासी ढोलपारा करैहापारा और जोतराम केंवट, निवासी खाल्हेपारा करैहापारा रतनपुर के रूप में हुई है।

पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। कार्रवाई में रतनपुर थाना प्रभारी निरीक्षक निलेश पाण्डेय, प्रधान आरक्षक बलदेव सिंह, आरक्षक देवानंद चंद्राकर और आकाश डोंगरे की भूमिका रही।