बिलासपुर..नगोई (बेलतरा)… ग्राम पंचायत नगोई में आयोजित सुशासन तिहार शिविर सोमवार को उस समय राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण बन गया, जब बेलतरा की राजनीति के दो प्रमुख चेहरे एक ही मंच पर आमने-सामने दिखाई दिए। एक ओर भाजपा विधायक सुशांत शुक्ला अपने समर्थकों के साथ मौजूद रहे, तो दूसरी ओर पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक प्रत्याशी विजय केशरवानी बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारियों, पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों के साथ शिविर में पहुंचे। कलेक्टर संजय अग्रवाल की मौजूदगी में क्षेत्र की समस्याओं और विकास कार्यों को लेकर सवालों का दौर चला, जिससे पूरे आयोजन का राजनीतिक तापमान बढ़ गया।

विजय केशरवानी के शिविर पहुंचने से पहले ही सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती ने यह संकेत दे दिया था कि कार्यक्रम केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण रहने वाला है।

शिविर में पहुंचते ही विजय केशरवानी ने अधिकारियों से मांग की कि बेलतरा विधानसभा से जुड़ी लंबित समस्याओं और मांगों को सार्वजनिक रूप से पढ़कर सुनाया जाए तथा उनके निराकरण की स्पष्ट समय-सीमा बताई जाए। इसके बाद विभिन्न विभागों से संबंधित 15 सूत्रीय मांगों का मंच से वाचन किया गया।

इस दौरान ग्रामीणों ने भी पानी, सड़क, सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को खुलकर उठाया। कई ग्रामीणों ने स्थानीय समस्याओं के समाधान में हो रही देरी पर नाराजगी भी जताई।

कार्यक्रम के बीच विधायक सुशांत शुक्ला के पहुंचने से माहौल और अधिक राजनीतिक हो गया। कुछ देर बाद कलेक्टर संजय अग्रवाल भी शिविर में पहुंचे और पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रखी। इसी दौरान विजय केशरवानी ने विधायक और कलेक्टर के समक्ष अपनी 15 सूत्रीय मांगों को विस्तार से रखा तथा क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं पर जवाब मांगा।

चर्चा के दौरान कई मुद्दों पर तीखे सवाल उठे। विकास कार्यों, मूलभूत सुविधाओं और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर बहस का माहौल बना रहा। हालांकि कई विषयों पर समाधान की दिशा में सकारात्मक चर्चा भी हुई, लेकिन यह साफ दिखाई दिया कि बेलतरा की राजनीति में विकास और जनसमस्याओं को लेकर संघर्ष की रेखाएं अब और स्पष्ट होती जा रही हैं।

राजनीतिक पर्यवेक्षकों की नजर में सुशासन तिहार का यह शिविर केवल शिकायतों और मांगों का मंच नहीं रहा, बल्कि बेलतरा की राजनीति के दो प्रभावशाली चेहरों की मौजूदगी ने इसे शक्ति प्रदर्शन और जनसरोकारों की प्रतिस्पर्धा का भी केंद्र बना दिया।