रायपुर… फर्जी नियुक्ति और डिग्री के नाम पर चल रहे संगठित ठगी गिरोह का भंडाफोड़ हुआ। सेंट्रल जोन पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिन्होंने पोस्ट ऑफिस में पोस्टमैन और पोस्टमास्टर की नौकरी दिलाने का झांसा देकर 52 अभ्यर्थियों से करीब 2 करोड़ 34 लाख रुपये वसूले।

शिकायतकर्ता संजय निराला ने सिविल लाइन थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने नरेश मनहर और उसके साथियों के खिलाफ मामला दर्ज कर तफ्तीश शुरू की और गिरोह तक पहुंची।

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दसवीं पास मास्टरमाइंड, रचा नेटवर्क

पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह का सरगना नरेश मनहर है, जो महज दसवीं पास है। उसने अपने साथियों भुवनेश्वर बंजारे, राकेश रात्रे और हीरा दिवाकर के साथ मिलकर फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार किए और आवेदकों को भेजे। हर आवेदक से मोटी रकम वसूली गई।

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जांच में नरेश के पास से DY Patil University के नाम पर तैयार की गई फर्जी एमबीबीएस डिग्री की सॉफ्ट कॉपी मिली। पुलिस ने बैंक खातों की जांच में डॉ. सुप्रिया पाठक के खाते से 40 लाख रुपये के लेनदेन का रिकॉर्ड भी ट्रेस किया।

फर्जी संस्थानों का जाल, सील,नियुक्ति पत्र जब्त

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गिरोह ने ‘गुड लक माइक्रोफाइनेंस बैंक’, ‘गुड लक हेल्थ सर्विस’ और ‘गुड लक फूड सर्विस’ जैसे नामों से फर्जी संस्थान खड़े किए। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से पांच मोबाइल, दो लैपटॉप, कलर प्रिंटर, नोट गिनने की मशीन, कंप्यूटर सेटअप, फर्जी पोस्ट ऑफिस नियुक्ति पत्र, नकली सील, कई दस्तावेज, बैंक चेकबुक-पासबुक और एक मारुति सुजुकी बलेनो कार जब्त की।

डीसीपी सेंट्रल जोन उमेश गुप्ता ने बताया कि गिरोह के भीतर काम का स्पष्ट बंटवारा था—कोई पैसे जुटाता, कोई दस्तावेज लेता और कोई फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार करता।

न्यायिक रिमांड, अन्य पीड़ितों की तलाश

पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा। अब अन्य संभावित पीड़ितों की पहचान की जा रही है।