सायरन की गूंज, कानून खामोश: चलगली में शादी के नाम पर धौंस, कार्रवाई की जगह बधाई
आम जनता में भय का बनाया वातावरण आलाधिकारी चुप.. वीडियो वायरल

रामानुजगंज..( पृथ्वी लाल केशरी) …कानून की सख्ती का दावा करने वाली व्यवस्था के बीच चलगली थाना क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पुलिस की भूमिका पर सीधे सवाल खड़े कर दिए हैं। शादी समारोह में गाड़ियों पर सायरन बजाकर शक्ति प्रदर्शन किया गया, और इसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है।
बारात में शामिल कुछ लोगों ने खुलेआम सायरन का इस्तेमाल किया। गांव में यह दृश्य सिर्फ शोर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि लोगों के बीच असहजता और डर का कारण बना। यह वह स्थिति है, जहां कानून स्पष्ट रूप से इसे दंडनीय मानता है, लेकिन मौके पर कार्रवाई नजर नहीं आई।
घटना के काफी समय बाद भी स्थानीय पुलिस की मौजूदगी नहीं दिखी। शिकायत जब जिला स्तर तक पहुंची, तब हरकत हुई। पुलिस अधीक्षक के निर्देश के बाद थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे, लेकिन वहां जो हुआ, उसने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मौके पर पहुंचे अधिकारी ने सख्ती दिखाने के बजाय नरम रुख अपनाया। कार्रवाई की उम्मीद कर रहे लोगों के सामने ही उन्होंने वर-वधु को हाथ जोड़कर बधाई दी और बिना किसी ठोस कदम के लौट गए। यह दृश्य अब सवाल बनकर खड़ा है—क्या कानून का पालन कराने वाली संस्था खुद ही उसे हल्का कर रही है?
सायरन का दुरुपयोग सिर्फ नियमों का उल्लंघन नहीं, बल्कि आम लोगों के बीच भय और प्रभाव का माहौल बनाने का तरीका भी माना जाता है। ऐसे में जब जिम्मेदार अधिकारी ही इस पर चुप नजर आएं, तो व्यवस्था की विश्वसनीयता पर असर पड़ना तय है।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी साफ है। सोशल मीडिया पर भी यह सवाल लगातार उठ रहा है कि क्या प्रभावशाली लोगों के सामने कानून की धार कमजोर पड़ जाती है। अब नजर इस बात पर है कि क्या इस मामले में वास्तविक कार्रवाई होती है या यह भी वायरल वीडियो तक ही सीमित रह जाएगा।





