बिलासपुर। बिलासपुर के नागरिकों के “उल्टा मार्च” को अभी दो दिन ही बीते थे कि राज्य सरकार ने हवाई सुविधा के मामले में एक और झटका दे दिया। पिछले रविवार को ही दोबारा शुरू हुई बिलासपुर-कोलकाता सीधी उड़ान को छत्तीसगढ़ सरकार के निर्देश पर अलायंस एयर ने बंद कर दिया। महज एक फेरे के बाद उड़ान रोक दिए जाने से शहर में भारी आक्रोश है।

पहली उड़ान में 36 यात्री कोलकाता रवाना हुए थे। शुक्रवार को दूसरे फेरे के लिए 42 यात्रियों ने बुकिंग कराई थी, लेकिन उनके टिकट रद्द कर राशि लौटा दी गई।

हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति का कहना है कि यह फैसला उसके आरोपों पर मुहर लगाता है। समिति लंबे समय से कहती आ रही है कि रायपुर की लॉबी के दबाव में बिलासपुर के साथ लगातार अन्याय हो रहा है। समिति के अनुसार राज्य सरकार का एक हिस्सा बिलासपुर की हवाई सुविधा के विस्तार में बाधा बना हुआ है और उल्टा मार्च की सफलता की प्रतिक्रिया में ही यह कदम उठाया गया।

करीब दो साल तक लगातार चली बिलासपुर-कोलकाता सीधी उड़ान को इस वर्ष अप्रैल में वाया अंबिकापुर कर दिया गया और समय सुबह से बदलकर दोपहर कर दिया गया। इससे यात्रियों की संख्या में भारी गिरावट आई और करीब डेढ़ महीने से उड़ान बंद थी। हाल ही में जारी विंटर शेड्यूल में इसे फिर सीधी उड़ान के रूप में शामिल किया गया, हालांकि समय दोपहर का ही रहा। इसके बावजूद पहले दो फेरों में यात्रियों का भरोसा दिखा, जो इस मार्ग की जरूरत को साबित करता है।

फैसले की जानकारी मिलते ही समिति ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उप मुख्यमंत्री अरुण साव, वरिष्ठ विधायक अमर अग्रवाल और धरमलाल कौशिक से फोन पर चर्चा की और निर्णय बदलवाकर उड़ान बहाल कराने की मांग की। समिति अब जिले के अन्य विधायकों धर्मजीत सिंह, सुशांत शुक्ला, अटल श्रीवास्तव, दिलीप लहरिया और केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू से भी संपर्क करेगी।

समिति ने साफ चेतावनी दी है कि फैसला तत्काल वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक व तेज किया जाएगा।