बिलासपुर…राहगीरों को इमरजेंसी में कॉल करने का झांसा देकर मोबाइल झपटने वाले गिरोह का कोटा पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटा गया नथिंग कंपनी का मोबाइल और वारदात में इस्तेमाल हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल जब्त कर ली है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

थाना कोटा में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार ग्राम जोगीपुर निवासी योगेश यादव ने बताया कि 23 जुलाई की रात करीब 10:30 बजे वह अपने साथी अमित बिरको के साथ मोटरसाइकिल से घर लौट रहा था। सूरजपुर पुल के पास हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल पर सवार युवकों ने इमरजेंसी में कॉल करने का बहाना बनाकर उन्हें रोका। जैसे ही योगेश ने मोबाइल निकाला, आरोपियों ने मोबाइल झपट लिया और उनकी मोटरसाइकिल को लात मारकर गिरा दिया। इसके बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। शिकायत पर कोटा पुलिस ने धारा 304(1) एवं 3(5) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं उप पुलिस महानिरीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मधुलिका सिंह तथा एसडीओपी नूपुर उपाध्याय के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी शशिकांत भारद्वाज ने विशेष टीम गठित की। मुखबिर की सूचना और पीड़ित द्वारा बताए गए हुलिए के आधार पर पुलिस ने संदेहियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपियों ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देना स्वीकार कर लिया।

पुलिस ने राकेश उर्फ टार्जन पोर्ते, दिव्यांशु उर्फ कोल, तुषार साहू, अभय यादव, सुरेश पोर्ते और राहुल उर्फ भोला पोर्ते को गिरफ्तार किया। राकेश पोर्ते के कब्जे से लूटा गया नथिंग कंपनी का मोबाइल तथा घटना में प्रयुक्त हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल बरामद कर जब्त कर ली गई।

पूछताछ और वैधानिक कार्रवाई पूरी करने के बाद सभी छह आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि राहगीरों को निशाना बनाने वाले ऐसे अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।