बिलासपुर… मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, गलतियों में सुधार कराने या अपने मतदान केंद्र से जुड़ी जानकारी जानने वालों के लिए आने वाले दिन महत्वपूर्ण हैं। बिलासपुर जिले में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण की तैयारी शुरू हो गई है। इसके साथ ही मतदान केंद्रों के युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया भी चल रही है। जिले के छह विधानसभा क्षेत्रों में मतदान केंद्रों के स्थल, भवन और नाम में बदलाव के प्रस्ताव रखे गए हैं। इन पर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने सहमति जताई है।

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में जिला कार्यालय में हुई बैठक में भारत निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम की जानकारी दी गई। बैठक में मतदान केंद्रों से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा के बाद राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की सहमति ली गई।

प्रस्ताव के अनुसार, आठ मतदान केंद्रों के स्थल, एक के भवन और 18 मतदान केंद्रों के नाम में बदलाव किया जाना है। इसके अलावा 40 मतदान केंद्रों के अनुभागों और छह अनुभागों के नाम बदलने के प्रस्ताव हैं। ये बदलाव मतदान केंद्रों के युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया का हिस्सा हैं।

12 नवंबर से खुलेंगे दावे-आपत्तियों के रास्ते

एक जनवरी 2027 की अर्हता तिथि के आधार पर मतदाता सूची का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण किया जाएगा। मतदान केंद्रों के युक्तियुक्तकरण और पुनर्गठन की प्रक्रिया दो नवंबर तक पूरी करने का कार्यक्रम है। इसके बाद 12 नवंबर को एकीकृत मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशित होगा।

प्रारूप सूची प्रकाशित होने के साथ ही मतदाताओं को अपने नाम और विवरण जांचने का अवसर मिलेगा। 12 नवंबर से 11 दिसंबर तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी। इनका निराकरण 28 दिसंबर तक किया जाएगा। इसके बाद चार जनवरी 2027 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी।

मतदाता अपने नाम और विवरण जरूर जांचें

पुनरीक्षण के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने, मतदाता सूची में आवश्यक संशोधन करने और विवरण अद्यतन करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। ऐसे में प्रारूप सूची प्रकाशित होने के बाद मतदाता अपने नाम, पते और अन्य विवरणों की जांच कर सकेंगे। किसी तरह की त्रुटि मिलने पर निर्धारित अवधि में दावा या आपत्ति दर्ज कराने का अवसर रहेगा।

बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी शिवकुमार बनर्जी, निर्वाचन पर्यवेक्षक अंकित तिवारी, सहायक निर्वाचन पर्यवेक्षक ब्रजेश पाण्डेय और राहुल श्रीवास सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।