घटिया सड़क पर सख्ती: लापरवाही पर कार्रवाई, ठेकेदार ब्लैकलिस्ट होंगे
घटिया सड़क पर सरकार की सख्ती: लापरवाही पर कार्रवाई, ठेकेदार ब्लैकलिस्ट होंगे

बिलासपुर…प्रदेश में सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सरकार ने सख्त संकेत दिए हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट किया कि घटिया निर्माण या लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं होगी। जहां भी निर्माण में कमी मिलेगी वहां संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई होगी और दोषी ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा।
मंत्रालय महानदी भवन में लोक निर्माण विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क बनने के बाद निरीक्षण करने की औपचारिकता छोड़कर निर्माण के दौरान ही नियमित रूप से फील्ड में जाकर गुणवत्ता की निगरानी की जाए। उन्होंने कहा कि सड़क केवल तकनीकी परियोजना नहीं बल्कि आमजन की सुविधा और सरकार की विश्वसनीयता से जुड़ा आधारभूत ढांचा है।
कुछ साल में सड़क खराब होना गंभीर सवाल
बैठक में बागबहार–कोतबा सड़क की खराब स्थिति पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कुछ वर्ष पहले बनी सड़क यदि चार साल भी नहीं टिकती तो यह गंभीर लापरवाही है। निर्माण में हुई कमियों की जांच के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न हो, इसके लिए निर्माण के दौरान ही सख्त निगरानी जरूरी है।
टेंडर प्रक्रिया में देरी और ‘बिलो रेट’ पर भी सवाल
मुख्यमंत्री ने टेंडर जारी होने से लेकर कार्य आवंटन तक की पूरी प्रक्रिया के लिए स्पष्ट समय-सीमा तय करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कई ठेकेदार बहुत कम दर पर टेंडर हासिल कर लेते हैं और बाद में काम की गुणवत्ता और समय-सीमा दोनों प्रभावित होती हैं। ऐसी स्थिति में ठेकेदार की जवाबदेही तय करना जरूरी है।
300 गांव.. प्राथमिकता से जोड़ने के निर्देश
समीक्षा में बताया गया कि प्रदेश के लगभग 300 गांव ऐसे हैं जहां बारिश के दौरान संपर्क पूरी तरह टूट जाता है। कई जगह बीमार लोगों को खाट पर उठाकर सड़क तक लाना पड़ता है। मुख्यमंत्री ने ऐसे गांवों को सड़क और पुल-पुलियों से जोड़ने का काम प्राथमिकता में लेने के निर्देश दिए।
कई प्रमुख मार्गों की प्रगति की समीक्षा
बैठक में मनेंद्रगढ़–सूरजपुर–अंबिकापुर–पत्थलगांव–कुनकुरी–जशपुर–झारखंड सीमा राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-43 सहित कई प्रमुख सड़क परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा हुई। इसके अलावा अंबिकापुर–सेमरसोत–रामानुजगंज–गढ़वा मार्ग, गीदम–दंतेवाड़ा मार्ग, चांपा–सक्ती–रायगढ़–ओडिशा सीमा मार्ग और रायपुर–दुर्ग मार्ग सहित कई परियोजनाओं की स्थिति पर चर्चा की गई।
सरकारी भवनों के डिजाइन बदलने की जरूरत
मुख्यमंत्री ने भवन निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि शासकीय भवनों का स्वरूप लंबे समय से एक जैसा बना हुआ है। अब आधुनिक डिजाइन और नई तकनीक के आधार पर भवनों का निर्माण होना चाहिए। भूमि के बेहतर उपयोग के लिए क्षैतिज विस्तार के बजाय बहुमंजिला संरचना को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़कें वह विकास कार्य हैं जिन्हें लोग सीधे देखते और परखते हैं। इसलिए लोक निर्माण विभाग की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है कि निर्माण कार्य समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण हो।





