जांजगीर। बकाया भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के बदले 10 हजार रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार सरकारी स्कूल की प्राचार्य अंजुला सोनी को राज्य सरकार ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की कार्रवाई के बाद शासन ने इसे गंभीर कदाचार मानते हुए निलंबन का आदेश जारी किया है।

अंजुला सोनी अकलतरा विकासखंड के किरारी स्थित शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल में प्राचार्य के पद पर पदस्थ थीं। उन पर शिकायतकर्ता मनीष राठौर से बकाया राशि के भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के बदले 10 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप है।

एसीबी बिलासपुर की टीम ने 3 सितंबर 2026 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 और 12 के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया था। अदालत में पेश किए जाने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

एसीबी के बिलासपुर कार्यालय से प्राप्त जानकारी के आधार पर राज्य शासन ने संबंधित मामले को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के नियम 3 का उल्लंघन माना है।

इसके बाद छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9(2) के तहत निलंबन की कार्रवाई की गई।

शासन के आदेश के मुताबिक, अंजुला सोनी का निलंबन 3 सितंबर 2026 से प्रभावी माना जाएगा। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, जांजगीर-चांपा निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।