रायपुर… देवाडांड़ के हायर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित शाला प्रवेश उत्सव उस समय सियासी रंग ले बैठा। मंच पर महिला जनप्रतिनिधि की नाराज़गी और राजनीतिक आरोपों ने माहौल को तनावपूर्ण बना दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल मंच पर बैठे ही थे कि विरोध शुरु हो गया। नाराज मन्त्री कार्यक्रम को बीच में ही छोड़कर चले गए

“निमंत्रण में नाम नहीं, यह अपमान है”— ममता सिंह

ये खबर भी पढ़ें…
सूरजपुर के दो शिक्षकों को मिलेगा राज्यपाल पुरस्कार
सूरजपुर के दो शिक्षकों को मिलेगा राज्यपाल पुरस्कार
सूरजपुर/शिक्षक दिवस के अवसर पर 5 सितंबर 2026 को रायपुर स्थित राजभवन में आयोजित राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य ममता सिंह ने तीखे शब्दों में विरोध जताते हुए कहा कि उन्हें इस कार्यक्रम के लिए आमंत्रित नहीं किया गया। निमंत्रण पत्र में उनका नाम तक नहीं था। जबकि वे क्षेत्र की निर्वाचित प्रतिनिधि हैं। उन्होंने मंच से कहा:

“मैं एक आदिवासी महिला हूं, पूर्व सैनिक की पत्नी हूं और शिक्षक परिवार से हूं। इसके बावजूद मुझे नज़रअंदाज़ करना एक साज़िश है।”

ये खबर भी पढ़ें…
हाईकोर्ट का फैसला: बिना सहमति म्यूचुअल ट्रांसफर के नाम पर शिक्षिका का तबादला, कोर्ट ने लगाई अंतरिम रोक
हाईकोर्ट का फैसला: बिना सहमति म्यूचुअल ट्रांसफर के नाम पर शिक्षिका का तबादला, कोर्ट ने लगाई अंतरिम रोक
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर हाईकोर्ट ने एक शिक्षिका के तबादला आदेश पर कड़ी आपत्ति जताते हुए उसके क्रियान्वयन पर अंतरिम रोक...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

ममता सिंह ने इस कृत्य को आदिवासी समाज के सम्मान के साथ खिलवाड़ बताया। प्रशासन को चेतावनी दी कि आगे से ऐसा हुआ तो जनता खुद जवाब देगी

मंत्री आहत, मंच छोड़कर निकल गए

ये खबर भी पढ़ें…
शिक्षक दिवस की तारीफ और शिक्षक की वास्तविक स्थिति के बीच  अंतर क्यों है..?
शिक्षक दिवस की तारीफ और शिक्षक की वास्तविक स्थिति के बीच अंतर क्यों है..?
रायपुर (मनीष जायसवाल) ।5 सितंबर आते ही शिक्षक अचानक बहुत खास हो जाता है। शिक्षक दिवस पर उसके सम्मान में...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

महिला जनप्रतिनिधि की नाराज़गी और मंच पर बढ़ते आरोप-प्रत्यारोप के बीच स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल आहत नजर आए। उन्होंने कार्यक्रम के बाकी हिस्सों में हिस्सा नहीं लिया और बिना कोई प्रतिक्रिया दिए ही मंच छोड़कर चले गए

कांग्रेस ने प्रशासन को लिया घेर

घटनाक्रम पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव ने कहा:

“ममता सिंह को न बुलाना सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, बल्कि पूरे आदिवासी समाज और कांग्रेस पार्टी का अपमान है। प्रशासन भाजपा के दबाव में काम कर रहा है।”

आरोप लगाया कि यह सोची-समझी रणनीति है जिसके जरिए कांग्रेस समर्थित निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को प्रशासनिक मंच से बाहर रखने की कोशिश की जा रही है

“ऐसे कार्यक्रम नहीं होने देंगे”— कांग्रेस की चेतावनी

कांग्रेस ने दो टूक कहा कि यदि आगे से सरकारी कार्यक्रमों में कांग्रेस प्रतिनिधियों को आमंत्रित नहीं किया गया, तो वे ऐसे आयोजनों को रुकवा देंगे। पार्टी ने इसे लोकतंत्र के खिलाफ एक खतरनाक संकेत बताया।