बिलासपुर… किसी के लिए मोबाइल सिर्फ एक उपकरण है, तो किसी के लिए उसमें अपनों की यादें, रिश्तों की निशानियां और जिंदगी के अनमोल पल सहेजे होते हैं। गुम हुआ मोबाइल जब वापस मिलता है तो उसके साथ कई यादें और खुशियां भी लौट आती हैं। दीपावली के अवसर पर बिलासपुर पुलिस के अर्पण कार्यक्रम में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। चेतना अभियान के तहत पुलिस ने 150 लोगों को उनके गुम हुए मोबाइल वापस सौंपे। बरामद मोबाइलों की कुल कीमत करीब 30 लाख रुपये आंकी गई है।

पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर 5 नवंबर को चेतना सभागार में आयोजित कार्यक्रम में ‘आपकी एक आस, आपकी अमानत, आपके पास’ के ध्येय के साथ मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को लौटाए गए। मोबाइल वापस मिलने पर लोगों के चेहरों पर खुशी साफ नजर आई। कई लोगों के लिए यह दीपावली का यादगार उपहार बन गया।

किसी को उपहार , किसी की निशानी

इन मोबाइलों के साथ लोगों की भावनाएं भी जुड़ी थीं। एक बहन का मोबाइल उसके भाई ने रक्षाबंधन पर उपहार में दिया था। फोन गुम होने के बाद वह मायूस थी, लेकिन वापस मिलने पर उसके चेहरे पर खुशी लौट आई। अस्पताल में इलाज के दौरान एक बुजुर्ग महिला का मोबाइल खो गया था। फोन वापस मिलने पर उसे बड़ी राहत मिली।

एक बेटी ने अपनी पहली कमाई से मां को मोबाइल उपहार में दिया था। खरीदने के एक महीने के भीतर ही मोबाइल गुम हो गया। अर्पण कार्यक्रम में वही मोबाइल वापस मिलने पर पूरा परिवार भावुक हो उठा। परीक्षा देने के दौरान मोबाइल गंवाने वाली उच्च न्यायालय बिलासपुर की एक अधिवक्ता और एक बुजुर्ग दिव्यांग व्यक्ति को भी उनकी अमानत वापस मिली।

1500 मोबाइल रिकवर.. राज्य में अव्वल 

मोबाइल रिकवरी के मामले में बिलासपुर पुलिस ने वर्ष 2026 में अब तक करीब 1500 गुम मोबाइल बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार इस उपलब्धि के साथ जिला पूरे छत्तीसगढ़ में पहले स्थान पर बना हुआ है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण एवं एसीसीयू) मधुलिका सिंह के मार्गदर्शन में एसीसीयू की टीम ने जिले के अलग-अलग थानों में दर्ज शिकायतों पर काम करते हुए छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के अलावा सीमावर्ती राज्यों से भी मोबाइल बरामद किए हैं।

 साइबर ठगी से बचने की समझाइश

कार्यक्रम में मोबाइल लौटाने के साथ लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक भी किया गया। एसीसीयू प्रभारी निरीक्षक गोपाल सतपथी और उनकी टीम ने नागरिकों को साइबर ठगी के नए तरीकों की जानकारी दी। भारत सरकार के ‘संचार साथी’ ऐप के उपयोग और उसकी उपयोगिता के बारे में भी बताया गया, ताकि लोग अपने मोबाइल उपकरण और निजी जानकारी को सुरक्षित रख सकें।

कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मधुलिका सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर पंकज कुमार पटेल, उप पुलिस अधीक्षक क्राइम एवं एसीसीयू सुदीप सरकार और एसीसीयू प्रभारी निरीक्षक गोपाल सतपथी सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।