बिलासपुर। डॉ सुधा पण्डा को जबलपुर की  साहित्यिक संस्था कादम्बरी की ओर से सम्मानित किया गया। । इनकी साहित्यिक कृति ‘नव छंद रस’ भाग-1 एवं भाग-2 के लिए जबलपुर में राष्ट्र स्तरीय ‘कादम्बरी सम्मान’प्राप्त हुआ है।

साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था कादम्बरी, जबलपुर द्वारा आयोजित गरिमामय अलंकरण समारोह में साहित्यकार डॉ.सुधा को कादम्बरी सम्मान मिलने पर घरघोड़ा, रायगढ़ ,बिलासपुर सहित प्रदेश के अन्य स्थानों से बधाइयां मिल रही हैं।उल्लेखनीय की उनसे प्रदेश ही नहीं देश के अन्य प्रांतों के कवि छंद की निःशुल्क शिक्षा आन लाइन प्राप्त करते हैं।

यह सम्मान साहित्य-सृजन, छंद-साधना एवं हिंदी साहित्य के प्रति उनके रचनात्मक अवदान का अभिनंदन है। समारोह में स्वर्गीय  रामभवन सिंह ठाकुर  की पावन स्मृति में ठाकुर परिवार की ओर से यह सम्मान प्रदान किया जाना उनके लिए अत्यंत गौरवपूर्ण, आत्मीय एवं भावुक कर देने वाला क्षण रहा।

इस अवसर पर उन्होंने कादम्बरी परिवार के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए संस्था के तीनों प्रमुख स्तंभों- अध्यक्ष भगवत दुबे , ऊर्जस्वी संचालक एवं महासचिव  राजेश पाठक ‘प्रवीण’  तथा कोषाध्यक्ष  यशोवर्धन  का हृदय से अभिनंदन एवं आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि कादम्बरी संस्था साहित्यकारों को सम्मानित करने के साथ-साथ साहित्यिक प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और साहित्य की समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाने का सराहनीय कार्य कर रही है। इस भव्य आयोजन को निरंतर भव्य से भव्यतर स्वरूप प्रदान करने में योगदान देने वाले सभी यशस्वी परिवारों का भी अभिनंदन एवं साधुवाद।

उन्होंने स्व.रामभवन सिंह ठाकुर की पावन स्मृति में ठाकुर परिवार द्वारा प्रदत्त इस आत्मीय अलंकरण के लिए परिवार के समस्त सदस्यों तथा कादम्बरी संस्था के सभी पदाधिकारियों, आयोजकों एवं सदस्यों के प्रति हृदय की गहराइयों से आभार व्यक्त किया।

यह सम्मान उनके लिए केवल एक अलंकरण नहीं, अपितु साहित्य-साधना के पथ पर आगे बढ़ने की प्रेरणा है।

कादम्बरी संस्था के सभी सदस्यों की संस्था के समर्पण भाव को देखकर कवयित्री पंडा ने अपने पूज्य माता-पिता, स्व.बिपिन बिहारी पण्डा एवं स्व.श्रीमती गोपिका पण्डा की स्मृति में प्रतिवर्ष 5,000 रुपए साहित्यिक क्षेत्र में सम्मान की परंपरा उन्हें भी शामिल करने हेतु दिया है।