बिलासपुर..वर्दी का सम्मान केवल उसके कंधों पर लगे सितारों से नहीं, बल्कि उस बलिदान से भी तय होता है, जिसकी कीमत कोई जवान अपने प्राण देकर चुकाता है। देश की सुरक्षा और नागरिकों की हिफाजत करते हुए शहीद हुए पुलिस एवं अर्द्धसैनिक बलों के जवानों की स्मृति में बुधवार को बिलासपुर के सकरी स्थित द्वितीय वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के परेड ग्राउंड में पुलिस स्मृति दिवस मनाया गया। अनुशासित परेड, शहीदों की नामावली के वाचन और सलामी के बीच उन वीर जवानों को नमन किया गया, जिनकी कर्तव्यनिष्ठा की अंतिम सीमा उनका सर्वोच्च बलिदान बना। इस अवसर पर शहीदों के परिजनों का सम्मान कर उनके त्याग के प्रति कृतज्ञता भी व्यक्त की गई।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग ने एक सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 तक देशभर में शहीद हुए पुलिस एवं अर्द्धसैनिक बलों के जवानों की नामावली का वाचन किया। शहीदों के नामों का स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। यह आयोजन उन जवानों के प्रति सम्मान व्यक्त करने का अवसर बना, जिन्होंने देश की आंतरिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और आम नागरिकों की रक्षा के लिए कर्तव्य निभाते हुए अपने जीवन का सर्वोच्च बलिदान दिया।

पुलिस स्मृति दिवस पर जिला पुलिस बल बिलासपुर, जिला पुलिस बल मुंगेली, द्वितीय वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल, नगर सेना बिलासपुर और जिला जेल बिलासपुर की प्लाटूनों ने परेड में हिस्सा लिया। अनुशासन और सम्मान के साथ दी गई सलामी ने शहीद जवानों की वीरता, साहस और राष्ट्र के प्रति समर्पण को स्मरण किया। परेड ग्राउंड में मौजूद अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य अतिथियों ने भी शहीदों के प्रति श्रद्धा व्यक्त की।

समारोह का महत्वपूर्ण पक्ष शहीद जवानों के परिजनों का सम्मान रहा। आईजी रामगोपाल गर्ग ने परिजनों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना और आत्मीयता के साथ उनका सम्मान किया। वर्दीधारी जवानों के बलिदान को याद करने के साथ उन परिवारों के प्रति सम्मान व्यक्त करना भी इस आयोजन का हिस्सा रहा, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोने का दर्द सहते हुए राष्ट्रसेवा के उस योगदान को अपने जीवन का हिस्सा बनाया है।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी, बिलासपुर के उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह, मुंगेली के उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल, द्वितीय वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल की सेनानी प्रतिभा पाण्डेय, सेवानिवृत्त पुलिस उप महानिरीक्षक पी.एस. ठाकुर, एच.आर. मनहर एवं टी. एक्का, सेवानिवृत्त पुलिस अधीक्षक सी.डी. टण्डन, जिला सेनानी दीपांकुरनाथ सैमुअल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज कुमार पटेल, सहायक सेनानी एच.एल. ध्रुव एवं किरण गुप्ता, उप पुलिस अधीक्षक मंजुलता केरकेट्टा और उच्च न्यायालय सुरक्षा में पदस्थ उप पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह बैस सहित पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

पुलिस स्मृति दिवस हर वर्ष उन जवानों के प्रति राष्ट्र की कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है, जिन्होंने कर्तव्य निभाते हुए अपने प्राणों की परवाह नहीं की। उनका बलिदान केवल स्मरण का विषय नहीं, बल्कि उस जिम्मेदारी की याद भी है, जिसे निभाने के लिए पुलिस बल के जवान हर दिन वर्दी पहनते हैं। शहीदों की वीरता, त्याग और राष्ट्रसेवा की गाथा आने वाली पीढ़ियों को भी कर्तव्य के प्रति समर्पण की प्रेरणा देती रहेगी।