बिलासपुर ।26 अक्टूबर को जन आंदोलन के सात वर्ष पूरे होने के अवसर पर समिति के द्वारा राघवेंद्र राव सभा भवन महा धरना स्थल से कलेक्ट्रेट बिलासपुर का उल्टा मार्च किया जाएगा।

आखिर उल्टा मार्च करने के क्या कारण है?—-1 मार्च 2021 को प्रारंभ हुए बिलासपुर के विलास देवी केवट एयरपोर्ट पर सप्ताह के सातों दिन दिल्ली की उड़ान थी सप्ताह में चार दिन प्रयागराज की उड़ान थी सप्ताह में चार दिन जबलपुर के लिए उड़ान आज दिल्ली के लिए सप्ताह में केवल चार दिन उड़ान है प्रयागराज के लिए केवल एक दिन और जबलपुर की उड़ान बंद कर दी गई है।

2022 में बिलासपुर से भोपाल उड़ान शुरू की गई जो से चार महीने में बदलकर बिलासपुर इंदौर कर दिया गया और उसके पांच बहने बात दोनों उड़ाने बंद हो गए।

इतने कम समय के बाद भी इन उड़ानों में पर्याप्त यात्री थे।पिछले 5 सालों में बिलासपुर एयरपोर्ट में उल्लेखनीय रूप से सिवाय नाइट लैंडिंग सुविधा के कोई और विकास नहीं हुआ है।

टर्मिनल भवन अभी भी वही पुरानी बिल्डिंग है जिसमें 70 लोगों के बैठने की भी सुविधा नहीं है।एटीसी टावर वही मोबाइल टावर है जो 2021 में आया था और नया एटीसी टावर नहीं बना।रनवे की लंबाई अभी भी 1500 मीटर है जबकि पिछले 5 सालों में इसे बढ़ाकर कम से कम 2200 मी तो कर ही दिया जाना चाहिए था।

उद्घाटन के समय 2021 में यह कहा गया था कि 2 से 3 साल में यह एयरपोर्ट 4c श्रेणी में अपग्रेड हो जाएगा अभी तक फोर्स की श्रेणी अपग्रेड करने का कोई काम शुरू नहीं हुआ है।

कुल मिलाकर देखा जाए तो बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट की या तो कोई प्रगति नहीं हुई है या उड़ानों के रूप में देखें तो उड़ाने बंद या कम हो गई हैं।एक तरफ भारत 2047 को पूर्ण विकसित राष्ट्र बनने वाला है ऐसे में छत्तीसगढ़ के दूसरे प्रमुख शहर बिलासपुर में हवाई सुविधा का जो हाल है उसे प्रगति और विकास तो कहा ही नहीं जा सकता बल्कि हम इस पथ पर उल्टा ही चल रहे हैं।

इन्हीं सब कारणों से हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति 26 अक्टूबर 2026 को सुबह 11:00 बजे धरना स्थल से कलेक्ट्रेट बिलासपुर तक उल्टा मार्च करेगी।

सभी सामाजिक संगठनों सक्रिय नागरिकों और सदस्यों से अनुरोध है कि वह इस आंदोलन में भागीदारी करें क्योंकि यह आंदोलन गैर राजनीतिक है इसलिए सभी राजनीतिक दलों से भी अनुरोध है कि वे भी इस कार्यक्रम में भागीदारी करें।