बिलासपुर… प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर देशभर में वीर सरदार पटेल की जयंती पर “रन फॉर यूनिटी” का आयोजन किया गया, मगर बिलासपुर में एकता की इस दौड़ में फूट का नजारा देखने को मिला। आयोजन स्थल पर बीजेपी के दो वरिष्ठ नेता सरेआम आपस में भिड़ गए।

काली मंदिर से शुरू हुई इस यात्रा में केंद्रीय आवास राज्यमंत्री तोखन साहू के साथ पहले पंक्ति में चलने को लेकर बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला और बीजेपी की प्रदेश मंत्री हर्षिता पांडे के बीच जमकर कहासुनी हो गई।

जैसे ही तोखन साहू को हरी झंडी दिखाकर यात्रा आगे बढ़ी, उसी वक्त सुशांत शुक्ला ने फर्स्ट लाइन में स्थान बनाने की कोशिश की — लेकिन पहले से मौजूद हर्षिता पांडे ने उन्हें रोक दिया।

इसके बाद माहौल गरमा गया। दोनों नेताओं के बीच सरेराह नोकझोंक शुरू हो गई। सुशांत शुक्ला की आवाज गूंजती सुनी गई — “मैं यहीं चलूंगा, जिसे जो करना है कर ले।” जवाब में हर्षिता पांडे ने भी उसी तेवर में कहा — “आपको जो करना है, कर लीजिए।”

इस नजारे को पूरा शहर चलता हुआ देख रहा था। विवाद इतना बढ़ गया कि केंद्रीय मंत्री तोखन साहू को बीच में आकर सुशांत शुक्ला को अपनी बाईं ओर जगह देनी पड़ी। इसके बाद माहौल कुछ ठंडा तो हुआ, लेकिन नेताओं के बीच की तकरार यात्रा के दौरान भी जारी रही।

वरिष्ठ विधायक धरमलाल कौशिक ने भी हस्तक्षेप कर माहौल को संभालने की कोशिश की। हालांकि, “एकता की दौड़” में हुई यह असहमति अब बीजेपी की अंदरूनी खींचतान को उजागर करती दिख रही है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि जो आयोजन संगठन की एकजुटता दिखाने के लिए था, वह अब “रन फॉर यूनिटी से रन ऑफ टेंशन” में बदल गया।