बिलासपुर/अयोध्या… रामलला की नगरी अयोध्या से जुड़ी घटना से आहत बिलासपुर और बेलतरा विधानसभा क्षेत्र के श्रद्धालुओं ने अपनी भावनाओं को विरोध के बजाय श्रद्धा का रूप दिया। तीन दिवसीय ‘श्रीराम श्रद्धा आस्था यात्रा’ के दौरान लोगों से एकत्र किए गए श्रद्धा के नारियल लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं बेलतरा विधानसभा के पूर्व विधायक प्रत्याशी विजय केशरवानी अपने परिवार के साथ अयोध्या पहुंचे। उन्होंने रामलला के दर्शन किए और श्रद्धालुओं की ओर से अर्पित नारियलों को श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामलला के चरणों में समर्पित किया।

तीन दिनों तक बिलासपुर और बेलतरा क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं से नारियल एकत्र किए गए थे। किसी ने इसे अपनी मनोकामना के साथ अर्पित किया तो किसी ने रामलला के प्रति अपनी श्रद्धा और विश्वास के प्रतीक के रूप में। इन नारियलों को अयोध्या पहुंचाने का उद्देश्य लोगों की भावनाओं को सीधे रामलला के दरबार तक पहुंचाना था।

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पीड़ा को राजनीतिक टकराव नहीं, श्रद्धा का रास्ता

अयोध्या से जुड़ी घटना के बाद धार्मिक भावनाओं को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी देखने को मिला। ऐसे माहौल में केशरवानी की पहल ने अपनी बात अलग तरीके से रखी। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की पीड़ा को किसी के विरोध का माध्यम बनाने के बजाय उसे श्रद्धा और संकल्प के रूप में व्यक्त किया गया।

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केशरवानी ने कहा, “हमारी भावना किसी के विरोध की नहीं थी। श्रद्धालुओं के मन में जो पीड़ा थी, उसे हमने श्रद्धा के माध्यम से रामलला तक पहुंचाने का प्रयास किया। आस्था को लेकर राजनीति से ज्यादा जरूरी लोगों की भावनाओं का सम्मान है।”

यही इस यात्रा का राजनीतिक संदेश भी है—राम के प्रति आस्था किसी एक दल की राजनीतिक संपत्ति नहीं हो सकती।रामलला हर उस व्यक्ति के हैं, जिसके मन में उनके प्रति श्रद्धा है।

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नारियल नहीं, बिलासपुर-बेलतरा का स्नेह पहुंचा

रामलला के दर्शन के बाद केशरवानी ने कहा कि अयोध्या तक पहुंचाए गए नारियल केवल धार्मिक प्रतीक नहीं, बल्कि उन लोगों की भावनाओं के वाहक हैं जिन्होंने उन्हें श्रद्धा के साथ अर्पित किया।

उन्होंने कहा, आज मेरे हाथों में केवल नारियल नहीं थे। इनमें बिलासपुर और बेलतरा के श्रद्धालुओं की भावनाएं थीं। जब इन्हें रामलला के चरणों में रखा तो लगा कि छत्तीसगढ़ का ननिहाल अपने भांचा श्रीराम के दरबार में पहुंच गया है।”

छत्तीसगढ़ की लोकपरंपरा में श्रीराम को भांचा मानने की भावना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यही आत्मीय रिश्ता प्रदेश के लोगों को अयोध्या और रामलला से जोड़ता है।

परिवार के साथ धार्मिक यात्रा, पवित्र धामों में दर्शन

अयोध्या पहुंचने से पहले विजय केशरवानी ने परिवार के साथ देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम, काशी विश्वनाथ मंदिर, संकट मोचन हनुमान मंदिर, दुर्गाकुंड स्थित मां दुर्गा मंदिर, सारनाथ के बाबा सारंगनाथ महादेव, कैथी स्थित बाबा मार्कंडेय महादेव और विंध्याचल स्थित मां विंध्यवासिनी देवी के दर्शन किए।

धार्मिक यात्रा के दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़, बिलासपुर, बेलतरा और प्रदेशवासियों की सुख-शांति, समृद्धि और मंगल की कामना की।

तीन दिन की यात्रा, अयोध्या में पूरा हुआ संकल्प

‘श्रीराम श्रद्धा आस्था यात्रा’ के दौरान श्रद्धालुओं से मिले नारियलों को अयोध्या ले जाकर रामलला के चरणों में समर्पित करने के साथ यात्रा का संकल्प पूरा हुआ।

केशरवानी ने यात्रा में सहभागी लोगों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा, “जिन लोगों ने जिस विश्वास के साथ नारियल अर्पित किए थे, उनकी भावनाओं को रामलला तक पहुंचाना हमारा दायित्व था। आज अयोध्या में नारियल के साथ बिलासपुर और बेलतरा की श्रद्धा, प्रार्थना और स्नेह भी पहुंचा है।