बिलासपुर… सरकारी योजनाओं की सफलता अब सिर्फ इस बात से तय नहीं होगी कि कितनी राशि खर्च हुई या कितने लक्ष्य पूरे हुए। असली सवाल यह होगा कि योजना का असर जमीन पर कितना दिखाई दे रहा है और उसका लाभ आम आदमी तक पहुंचा या नहीं। बिलासपुर के प्रभारी सचिव एवं वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ ने बुधवार को जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में इसी नजरिये को प्राथमिकता दी। उन्होंने अधिकारियों को विभागीय आंकड़ों के बजाय हितग्राहियों के अनुभव और जमीनी परिणाम पर ध्यान देने की हिदायत दी।

पिंगुआ ने साफ कहा कि योजनाओं के भौतिक और वित्तीय लक्ष्य पूरे करना पर्याप्त नहीं है। अधिकारियों को हितग्राहियों से सीधे संवाद कर यह पता लगाना चाहिए कि सरकारी योजना उनके जीवन में वास्तव में क्या बदलाव ला रही है। सीएम हेल्पलाइन से आने वाली शिकायतों और फीडबैक को भी उन्होंने प्रशासन की कार्यप्रणाली सुधारने का महत्वपूर्ण माध्यम माना।

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11 हजार शिकायतें, 80 फीसदी का निराकरण

सीएम हेल्पलाइन के आंकड़ों में जिले में अब तक करीब 11 हजार शिकायतें पहुंच चुकी हैं। इनमें लगभग 80 प्रतिशत मामलों का निराकरण हो चुका है, लेकिन बिजली, राजस्व और नगर निगम से जुड़ी शिकायतों की संख्या अभी भी सबसे अधिक है। प्रभारी सचिव ने केवल निराकरण की संख्या बढ़ाने के बजाय शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिलने पर जोर दिया।

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फाइलों में गति और कामकाज में जवाबदेही

सरकारी कार्यालयों की कार्यशैली को लेकर भी पिंगुआ ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य रूप से लागू करने और अधिकारियों-कर्मचारियों के समय पर कार्यालय पहुंचने पर जोर दिया। उनका कहना था कि कार्यालयीन समय का बेहतर इस्तेमाल हो तो देर रात तक बैठने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सभी सरकारी पत्राचार ई-ऑफिस के जरिए करने के निर्देश भी दिए गए।

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उन्होंने अधिकारियों से अपने काम का स्व-मूल्यांकन करने और आम लोगों के साथ व्यवहार में संवेदनशीलता बरतने को कहा।

खाद-बीज नहीं, आत्मनिर्भरता का लक्ष्य

कृषि विभाग के आंकड़ों में जिले में खाद और बीज की पर्याप्त उपलब्धता सामने आई। किसानों के बीच नैनो डीएपी और नैनो यूरिया का उपयोग भी बढ़ रहा है। लेकिन प्रभारी सचिव ने इससे आगे बढ़ते हुए बीज उत्पादन में जिले को आत्मनिर्भर बनाने की कार्ययोजना तैयार करने को कहा। धान के साथ दलहन और तिलहन का रकबा बढ़ाने तथा जैविक खेती को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया गया।

पशुपालन क्षेत्र में जिले में अब तक 14 गोधाम स्वीकृत होने की जानकारी दी गई। प्रत्येक गोधाम में 200 पशुओं की क्षमता है। पिंगुआ ने हितग्राही योजनाओं में मुफ्त सामग्री बांटने को अंतिम उपलब्धि मानने के बजाय उसके बाद हितग्राही की आय और जीवन स्तर में आए बदलाव को असली परिणाम मानने की बात कही।

61 मलेरिया मरीज, तीन का इलाज जारी

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक इस वर्ष जिले में अब तक 61 मलेरिया पॉजिटिव मरीज मिले हैं। इनमें तीन का उपचार चल रहा है, जबकि बाकी मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए मितानिनों के पास आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।

भू-जल संरक्षण पर भी खास जोर रहा। जिले में अब तक 275 इंजेक्शन वेल बनाए जा चुके हैं। प्रभारी सचिव ने इनका असर अगले गर्मी के मौसम में भू-जल स्तर के संरक्षण के रूप में दिखाई देने की जरूरत बताई।

मध्यान्ह भोजन का आंकड़ा कमजोर

स्कूल शिक्षा विभाग ने जिले के सभी बच्चों को पाठ्यपुस्तक और गणवेश वितरित करने की जानकारी दी। दूसरी ओर मध्यान्ह भोजन योजना की 67 प्रतिशत उपलब्धि को प्रभारी सचिव ने अपर्याप्त माना। उन्होंने नियमित निगरानी और गुणवत्ता सुधारने के निर्देश दिए।

अरपा और शहर का ट्रैफिक भी एजेंडे में

बिलासपुर की दो बड़ी शहरी चुनौतियां—अरपा नदी का पुनरुद्धार और बढ़ता यातायात दबाव—भी बैठक में सामने रहीं। अरपा के जीर्णोद्धार से जुड़ी योजनाओं की प्रगति के साथ शहर में जाम की समस्या कम करने के उपायों पर भी चर्चा हुई। प्रभारी सचिव ने तात्कालिक उपायों के बजाय दीर्घकालिक समाधान पर जोर दिया।

450 से ज्यादा गांव, 900 से ज्यादा काम

ग्रामीण विकास के लिए वीबी रामजी योजना की स्थिति में जिले के 450 से अधिक गांवों में 900 से ज्यादा कार्य स्वीकृत होने की जानकारी सामने आई। इन कार्यों की गुणवत्ता और समय पर पूर्णता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

120 करोड़ के नालंदा परिसर पर नजर

शहर में करीब 13 एकड़ में 120 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे नालंदा परिसर की प्रगति भी बैठक में सामने आई। इसे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का ड्रीम प्रोजेक्ट बताते हुए प्रभारी सचिव ने निर्माण निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने और गुणवत्ता से समझौता नहीं करने के निर्देश दिए।

बैठक में कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह, नगर निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। कलेक्टर ने सभी निर्देशों पर गंभीरता से अमल सुनिश्चित करने की बात कही।