बिलासपुर—बिलासपुर मतलब शांति का टापू…ऐसा कर दिखाया यहां की जनता ने और इससे कहीं ज्यादा बिलासपुर की पुलिसिंग ने । होली के दिन लोग जहां शहर की गली गली में शांति का रंग और गुलाल उड़ते नजर आए…तो मस्जिदों में मुस्लिम भाइयों ने  शांति और अमन का नमाज पढ़ा। इस बार लोग कहते हुए मिले कि पुलिस के डर इस बार सड़क से असामाजिक तत्वों का निशान दिखाई नहीं दिया। कुल मिलाकर बहुत दिनों बाद बिलासपुर की जनता ने होली पर्व और रमजान का पर्व शांति और अमन चैन के साथ मनाया।
 बिलासपुर पुलिस की चौकस व्यवस्था के बीच बिलापुर वासियों ने होली के साथ रमजान पर्व शांति और अमन चैन के साथ मनाया। दिन भर शहर की छोटी छोटी गलियों से लेकर मुख्य सड़क तक सायरन बजाती पुलिस की गाड़ियां घूमती रहीं। खुद पुलिस कप्तान शहर के एक एक चौक चौराहों तक पहुंचे। इस दौरान पुलिस कप्तान रजनेश सिंह ने पुलिस व्यवस्था की एक एक गतिविधियों का जायजा लिया। साथ ही होलियारों की एक एक गतिविधियों पर नजर भी रखा। पुलिस कप्ता ने इस दौरान रफ्तार के सौदागारों को नियंत्रित किया…तो पुलिस जवानों को जरूरी दिशा निर्देश देते हुए शांति व्यवस्था कायम रखने को कहा।
 अतिरिक्त पुलिस कप्तान राजेन्द्र जायसवाल और अर्चना झा ने बताया कि पुलिस कप्तान रजनेश सिंह ने दिन भर शहर की शांति व्यवस्था पर नजर बनाकर रखा। शहर के किसी कोने से किसी प्रकार की शिकायत नहीं मिली है। पुलिस प्रशासन ने होली के एक सप्ताह पहले  ही असामाजिक तत्वों को सख्त निर्देश दिया था कि शांति व्यवस्था में खलल डालने पर बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस कप्तान के आदेश पर  सैकड़ों असामिजक तत्वों को जेल भी दाखिल किया गया।
पुलिस प्रशासन के अनसुार दिन भर पेट्रोलिंग पार्टी और पुलिस जवान पुलिस कप्तान की अगुवाई में शहर का एक एक कोना छाना। जवानों को जगह जगह तैनात देख रजनेश सिंह ने सभी का हौसला अफजाई किया।