पीएम की अपील को जमीन पर उतारा पीएम की अपील का असर: हाईकोर्ट जज ने लग्जरी कार छोड़ी, साइकिल से दिया देशहित का संदेश”**
कार छोड़ी, साइकिल चुनी: जज ने ईंधन बचत पर दिया सख्त संदेश, पीएम की अपील को जमीन पर उतारा

जबलपुर…प्रधानमंत्री की ईंधन बचत की अपील का असर अब विभिन्न क्षेत्रों में दिखाई देने लगा है। इसी कड़ी में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के न्यायाधीश डीडी बंसल ने अपनी लग्जरी कार छोड़कर साइकिल से कोर्ट पहुंचकर एक सशक्त संदेश दिया है। इसके साथ ही लोगों को मित्र वेरता का। मितव्ययता का पाठ सिखाते खाते हुए लोगों को ज्यादा से ज्यादा पेट्रोल डीजल सौर ऊर्जा बचाने का सायकल फिर कार्यालय पहुंचकर जुड़ने को कहा हैl
जस्टिस डीडी बंसल अपने सिविल लाइन स्थित आवास से हाईकोर्ट जबलपुर तक लगभग 3 किलोमीटर का सफर साइकिल से तय करते हुए नजर आए। इस दौरान उनके साथ एक कर्मचारी भी साइकिल से चलता दिखा, जो उनका आवश्यक सामान और बैग लेकर जा रहा था। उनका यह कदम लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।
पीएम की अपील का दिखा असर
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान देशवासियों से डीजल, पेट्रोल और अन्य संसाधनों की खपत कम करने की अपील की थी। उन्होंने ऊर्जा बचत और विदेशी मुद्रा पर पड़ने वाले दबाव को कम करने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट और वैकल्पिक साधनों के उपयोग पर जोर दिया था।
न्यायपालिका में भी जागरूकता
जस्टिस बंसल का यह कदम दर्शाता है कि प्रधानमंत्री की अपील का असर अब न्यायपालिका तक भी पहुंच रहा है। कोर्ट परिसर पहुंचने पर कर्मचारियों और आम लोगों ने उन्हें उत्सुकता से देखा, वहीं उनका वीडियो सामने आने के बाद यह पहल तेजी से चर्चा में आ गई।
ऊर्जा मंत्री ने भी दिखाई पहल
उधर, राज्य के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने भी अपनी लग्जरी कार छोड़कर इलेक्ट्रिक स्कूटी से मंत्रालय पहुंचकर ऊर्जा संरक्षण का संदेश दिया। उनकी तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं।
चीफ जस्टिस से मिली प्रेरणा
मीडिया से बातचीत में जस्टिस डीडी बंसल ने कहा कि यह धारणा गलत है कि हाईकोर्ट के जज साइकिल का उपयोग नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि जहां तक संभव हो, सभी लोगों को साइकिल चलाकर पेट्रोल-डीजल की बचत करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि वे मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा से प्रेरित होकर यह कदम उठा रहे हैं।
देशहित और पर्यावरण से जुड़ा संदेश
जस्टिस बंसल ने इसे केवल व्यक्तिगत पहल नहीं, बल्कि देशहित और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ा विषय बताया। उन्होंने कहा कि यदि आम नागरिक भी छोटी-छोटी पहल करें, तो बड़े स्तर पर ऊर्जा बचत संभव है।





