150 करोड़ की ताकत से बदलेगा बिलासपुर का चेहरा: हर सेक्टर में बड़े फैसले
विकास का मेगा प्लान पास: बिलासपुर के लिए 150 करोड़ की बड़ी सौगात.. शिक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष नजर

बिलासपुर…आने वाले वित्तीय वर्ष में बिलासपुर के विकास को नई दिशा देने की तैयारी तेज हो गई है। जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) की शासी परिषद की बैठक में 150 करोड़ रुपये की वार्षिक कार्य-योजना को मंजूरी दी गई, जिसमें शहर से लेकर गांव तक बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर फोकस रखा गया है।
कलेक्टर संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में मंथन सभाकक्ष में हुई इस बैठक में जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने विकास से जुड़े प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में विधायकों, जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी ने इसे अहम बना दिया।
योजना के तहत सबसे ज्यादा जोर शिक्षा और स्वास्थ्य पर दिया गया है। शिक्षा क्षेत्र के लिए 31.64 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसमें स्कूलों में नए कक्ष, शेड और शैक्षणिक सुविधाओं का विस्तार शामिल है। वहीं स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए 16 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, ताकि आम लोगों को बेहतर इलाज मिल सके।
पेयजल संकट से निपटने के लिए भी ठोस पहल की गई है। इसके लिए 5.60 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिससे गांव और शहर के कई हिस्सों में पानी की समस्या को दूर करने की कोशिश होगी।
महिला एवं बाल विकास के लिए 6 करोड़, पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण के लिए 11 करोड़, वृद्ध और दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए 10.35 करोड़ तथा कौशल विकास के लिए 8 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
बैठक में कुछ ऐसे प्रस्ताव भी मंजूर हुए, जो सीधे तौर पर लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े हैं। शहर के व्यस्त गोल बाजार से नेहरू चौक होते हुए कोर्ट परिसर तक अंडरग्राउंड बिजली व्यवस्था की योजना को हरी झंडी दी गई है, जिससे न सिर्फ सुरक्षा बढ़ेगी बल्कि शहर की सूरत भी बदलेगी।
इसके अलावा हर विधानसभा क्षेत्र में एक-एक ‘सियान सदन’, दुर्घटना पीड़ितों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने के लिए पुलिस विभाग को तीन एम्बुलेंस, मल्हार मंदिर परिसर में शेड निर्माण, पुलिस ग्राउंड के मंच का कायाकल्प और शहर के अलग-अलग हिस्सों—मंगला, तिफरा, उस्लापुर व बहतराई में मुक्तिधाम निर्माण जैसे प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई है।
ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भी खास ध्यान रखा गया है। चुनिंदा ग्राम पंचायतों में मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र विकसित किए जाएंगे, वहीं ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए हाइड्रा वाहन उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है।
इस दौरान अधिकारियों ने बताया कि यह पूरी योजना सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं, बल्कि शहर और जिले की बदलती जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। प्रस्तावित काम तय समय पर जमीन पर उतारा जाएगा । आने वाले समय में बिलासपुर में बुनियादी सुविधाओं और शहरी ढांचे में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।





