CG Mahtari Vandan.छत्तीसगढ़ की महतारी वंदन योजना में अपात्र हितग्राहियों को लाभ मिलने के मामले सामने आने के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग ने वसूली की कार्रवाई शुरू कर दी है।

रायपुर जिले में जांच के बाद 351 महिलाओं को अपात्र पाया गया है। इनसे करीब 12 लाख रुपये की वसूली की जानी है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, अब तक 189 हितग्राहियों से 6.72 लाख रुपये वसूल किए जा चुके हैं, जबकि शेष हितग्राहियों से राशि की वसूली बाकी है।

शिकायतों के बाद हुई जांच में ऐसे लोगों के नाम सामने आए, जो योजना की निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा नहीं करने के बावजूद हर महीने एक हजार रुपये की सहायता राशि प्राप्त कर रहे थे।

इनमें सरकारी कर्मचारियों के परिवारों से जुड़ी महिलाएं और अन्य अपात्र हितग्राही शामिल हैं। विभाग ने संबंधित हितग्राहियों की आईडी होल्ड कर जांच की और अपात्र पाए जाने पर राशि की वसूली की प्रक्रिया शुरू की।

रायपुर जिले में शुरुआती स्तर पर दो हजार से अधिक हितग्राहियों के नाम सामने आए थे, जिनकी पात्रता पर संदेह था। इनकी आईडी होल्ड कर जांच की गई। जांच के बाद 351 महिलाओं को अपात्र पाया गया।

विभागीय जानकारी के अनुसार, 189 महिलाओं से 6.72 लाख रुपये की वसूली हो चुकी है। शेष हितग्राहियों से लगभग 4.75 लाख रुपये की वसूली की कार्रवाई जारी है। उपलब्ध आंकड़ों में कुल वसूली लक्ष्य और शेष राशि के बीच अंतर है, इसलिए अंतिम राशि का आधिकारिक मिलान जरूरी है।

प्रारंभिक जांच में रायपुर जिले में 128 शासकीय सेवकों और उनके रिश्तेदारों से जुड़े मामले सामने आने की जानकारी दी गई है। इनमें 42 शासकीय महिला कर्मचारी, 78 शासकीय पुरुष कर्मचारियों की पत्नियां और छह बेटियां शामिल बताई गई हैं।

इसके अलावा दो पेंशनधारी महिलाओं के भी योजना का लाभ लेने की जानकारी सामने आई। संबंधित लोगों की आईडी ब्लॉक कर रिकवरी की कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।

जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास, रायपुर शैल ठाकुर के अनुसार, अपात्र हितग्राहियों से योजना के तहत प्राप्त राशि की वसूली की जा रही है। अब तक 6.72 लाख रुपये वसूल किए जा चुके हैं और बाकी राशि की वसूली के लिए कार्रवाई जारी है।

महिला एवं बाल विकास विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, जांच में आयकरदाता परिवारों से जुड़ी 29 महिलाएं, 21 वर्ष से कम आयु की पांच महिलाएं, 11 अविवाहित महिलाएं, सात पुरुष हितग्राही और राज्य के बाहर रहने वाली चार महिलाएं भी सामने आईं। विभाग के अनुसार, इन मामलों में भी योजना के तहत दी गई राशि की वसूली की जानी है।

बिलासपुर जिले में भी 200 से अधिक ऐसे मामलों की जानकारी सामने आई है, जिनमें शिक्षिकाओं और शासकीय कर्मचारियों के परिवारों से जुड़ी महिलाओं के योजना का लाभ लेने की बात कही गई है। बिल्हा विकासखंड में अकेले 11 मामले सामने आने की जानकारी दी गई है।

बताया गया है कि बिल्हा के विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने संबंधित शिक्षिकाओं और कर्मचारियों को राशि जमा करने के निर्देश दिए हैं। जिले के अन्य विकासखंड शिक्षा अधिकारियों की ओर से भी रिकवरी के लिए नोटिस जारी किए जा रहे हैं। हालांकि, बिलासपुर के मामलों में जांच के अंतिम निष्कर्ष और वसूली की कुल राशि का विस्तृत आधिकारिक ब्योरा सामने आना बाकी है।

महतारी वंदन योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। योजना की निर्धारित शर्तों के अनुसार, महिला छत्तीसगढ़ की स्थानीय निवासी और विवाहित होनी चाहिए। विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्त महिलाएं भी पात्रता की शर्तें पूरी करने पर लाभ ले सकती हैं। आवेदन करने वाले वर्ष की 1 जनवरी तक महिला की आयु कम से कम 21 वर्ष होनी चाहिए।

योजना के नियमों के मुताबिक, जिस परिवार का कोई सदस्य आयकरदाता हो, वह पात्रता से बाहर है। इसी तरह, परिवार का कोई सदस्य केंद्र या राज्य सरकार के विभाग, बोर्ड, उपक्रम अथवा स्थानीय निकाय में नियमित, स्थायी या संविदा कर्मचारी के रूप में कार्यरत हो, तो भी योजना का लाभ नहीं दिया जाता।