रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोल लेवी घोटाले की जांच कर रही EOW ने भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव से दो घंटे से भी अधिक समय तक पूछताछ की। ईओडब्ल्यू ने उन्हें समन जारी कर दफ्तर बुलाया था।

पूछताछ के बाद देवेंद्र वापस लौट आए। घोटाले की जांच के दौरान सूर्यकांत तिवारी से जब्त एक डायरी में देवेंद्र का नाम सामने आया है। डायरी में विधायक तक रकम पहुंचने का उल्लेख होने की बात कही जा रही है। इसी सिलसिले में ईओडब्ल्यू ने उन्हें तलब किया था।

बताया जा रहा है कि पूछताछ के दौरान देवेंद्र ने खुद पर लगे आरोपों को निराधार बताया।

जांच एजेंसी उनसे घोटाले से जुड़े लेन-देन और डायरी में दर्ज कथित जानकारी के संबंध में पूछताछ कर रही है। जरूरत पड़ने पर उन्हें दोबारा भी बुलाया जा सकता है। शुक्रवार को समन तामील कराने के लिए ईओडब्ल्यू का एक सिपाही भिलाई भेजा गया था।

जांच एजेंसियों के मुताबिक, जुलाई 2020 से जून 2022 के बीच कोयला व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों से प्रति टन कोयला परिवहन पर 25 रुपए की अवैध लेवी वसूली जाती थी। इसके लिए खनन विभाग के नियमों में बदलाव कर ऑनलाइन मिलने वाले कोल परमिट को ऑफलाइन किया गया।

आरोप है कि इसके बाद एक सिंडिकेट ने परमिट व्यवस्था पर नियंत्रण कर अवैध वसूली का पूरा सिस्टम खड़ा किया। ईडी और ईओडब्ल्यू की जांच के अनुसार, इस सिस्टम के जरिए 540 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध वसूली की गई।