mid day meal tragedy/झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले में मिड-डे मील के कारण एक मासूम बच्ची की मौत हो गई और 12 से ज्यादा बच्चे बीमार पड़ गए। यह घटना जगन्नाथपुर विधानसभा क्षेत्र के जेटेया पंचायत के नयागांव प्राथमिक विद्यालय की है, जहां दोपहर का भोजन खाने के कुछ घंटों बाद बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी।

mid day meal tragedy/ प्रशासनिक लापरवाही और सरकारी स्कूलों में पोषण आहार की गुणवत्ता पर फिर से सवाल खड़े हो गए हैं।

खाने के बाद बिगड़ी हालत, अस्पताल में भर्ती
मिड-डे मील में चावल, दाल और आलू की सब्जी बनी थी, जिसे खाने के बाद बच्चों को उल्टी-दस्त की शिकायत होने लगी। शाम होते-होते बच्चों की हालत गंभीर हो गई और उन्हें जगन्नाथपुर सीएचसी अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान 6 वर्षीय बच्ची आयुषी गोप की मौत हो गई, जबकि अन्य 14-15 बच्चों का इलाज अभी भी चल रहा है।

पूर्व सीएम चंपई सोरेन ने जताई नाराजगी, की कड़ी कार्रवाई की मांग
घटना की खबर मिलते ही झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने राज्य सरकार की निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि मिड-डे मील जैसी सरकारी योजना में इस तरह की लापरवाही बेहद चिंताजनक है और सरकार को तुरंत इस मामले की गहराई से जांच करनी चाहिए।

जांच के लिए मेडिकल टीम तैनात
बच्चों के बीमार पड़ने के बाद पश्चिम सिंहभूम जिला प्रशासन सक्रिय हो गया। सिविल सर्जन डॉ. सुशांतो मांझी की अगुवाई में एक मेडिकल टीम को प्रभावित गांवों में भेजा गया। स्कूल में पढ़ने वाले सभी बच्चों और स्थानीय ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच की जा रही है। mid day meal tragedy