पटना…बिहार सरकार ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में भ्रष्टाचार, लापरवाही और अनियमितताओं के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए 12 राजस्व अधिकारियों और कर्मियों पर विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी है। इनमें कई अधिकारियों के खिलाफ आरोपपत्र गठित किए गए हैं, कुछ की वेतन वृद्धि रोकने सहित अन्य दंडात्मक कदम उठाए गए हैं, जबकि कई अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।

राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार और विभागीय निर्देशों की अनदेखी के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्ध सेवा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जनता के हितों से खिलवाड़ करने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

विभाग के अनुसार, भू अर्जन कार्यालय मुंगेर के राजस्व अधिकारी-सह-कानूनगो अरविंद कुमार, राघोपुर के अंचल अधिकारी दीपक कुमार तथा बिस्फी  की तत्कालीन अंचल अधिकारी वंदना कुमारी के खिलाफ विभागीय आरोपपत्र गठित किए गए हैं।

इसके अलावा गोपालगंज सदर के अंचल अधिकारी रजत कुमार वर्णवाल, एकमा के अंचल अधिकारी अमलेश कुमार, गोह के तत्कालीन अंचल अधिकारी विश्वजीत नीलांकर, औरंगाबाद के तत्कालीन अंचल अधिकारी अंशु कुमार सिंह तथा कल्याणपुर के तत्कालीन अंचल अधिकारी राजन कुमार पर वेतन वृद्धि रोकने समेत विभिन्न दंडात्मक कार्रवाई की गई है।

वहीं रामनगर के तत्कालीन अंचल अधिकारी उदय शंकर मिश्रा, कुढ़नी के तत्कालीन अंचल अधिकारी रणभू ठाकुर, हाजीपुर की तत्कालीन अंचल अधिकारी अंजली कुमारी और सासाराम के तत्कालीन अंचल अधिकारी सुधीर कुमार ओंकारा के खिलाफ विभागीय स्तर पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।

सरकार की इस कार्रवाई को राजस्व विभाग में जवाबदेही बढ़ाने और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने की दिशा में एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है।