बिलासपुर… डिजिटल दौर में मोबाइल और इंटरनेट ने जिंदगी आसान कर दी है, लेकिन यही सुविधा साइबर ठगों के लिए लोगों की मेहनत की कमाई पर हाथ साफ करने का रास्ता भी बन रही है। इसी खतरे को लेकर बिलासपुर पुलिस ने गुरु घासीदास विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों के बीच साइबर जागृति अभियान चलाया। पुलिस अधिकारियों ने युवाओं को साइबर ठगी के नए तरीकों से सावधान रहने और अपने परिवार व आसपास के लोगों को भी जागरूक करने की अपील की।

राज्य स्तरीय साइबर जागृति अभियान 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक चल रहा है। अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि साइबर अपराधी लोगों की जीवनभर की कमाई चंद मिनटों में ठग लेते हैं। डिजिटल दुनिया में जागरूकता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी हथियार है।

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उन्होंने विद्यार्थियों को स्पष्ट रूप से समझाया कि ओटीपी, पिन, सीवीवी, पासवर्ड और बैंक से जुड़ी गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति को न दें। संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने और अनजान मोबाइल एप या एपीके फाइल डाउनलोड करने से भी बचें। उन्होंने विद्यार्थियों से साइबर जागरूकता की सेल्फी लेकर अपने वाट्सऐप, इंस्टाग्राम और फेसबुक स्टेटस पर साझा करने तथा बिलासपुर पुलिस को फॉलो करने की अपील की, ताकि जागरूकता का संदेश अधिक लोगों तक पहुंचे।

सुविधा और दुविधा के बीच चूक

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वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने कहा कि साइबर अपराध आज समाज के हर वर्ग के लिए गंभीर चुनौती बन चुका है और युवा वर्ग इसका बड़ा हिस्सा है। मोबाइल, इंटरनेट, ऑनलाइन बैंकिंग और सोशल मीडिया ने जीवन को सुविधाजनक बनाया है, लेकिन डिजिटल दुनिया में छोटी सी लापरवाही भी व्यक्ति को साइबर अपराध का शिकार बना सकती है।

उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि साइबर ठगी होने पर घबराने के बजाय तत्काल 1930 पर सूचना दें और पुलिस से संपर्क करें, ताकि ठगी की रकम को रोकने और समय रहते कार्रवाई की संभावना बढ़ाई जा सके।

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क्विज खेलिए और पाइए प्रमाण पत्र

कार्यक्रम में बिलासपुर पुलिस ने साइबर जागरूकता को विद्यार्थियों से सीधे जोड़ने की अनोखी पहल भी बताई। गूगल फॉर्म के माध्यम से साइबर अपराध के तरीकों और उनसे बचाव की जानकारी पढ़कर विद्यार्थी वैकल्पिक प्रश्नोत्तरी में हिस्सा ले सकते हैं। प्रश्नों के उत्तर देने वाले प्रतिभागियों को उनके ईमेल पर ई-सर्टिफिकेट मिलेगा।

पुलिस ने विद्यार्थियों से अधिक से अधिक संख्या में इस पहल में शामिल होने की अपील की। कार्यक्रम में मोबाइल सुरक्षा से जुड़े मोबाआर्मर ऐप की जानकारी भी दी गई, जो मोबाइल में मौजूद संभावित खतरे वाले ऐप और फाइलों के संबंध में सतर्क करने में मदद करता है।

हर थाना-चौकी तक जागरूकता अभियान

एसएसपी रजनेश सिंह ने बताया कि साइबर जागृति अभियान केवल विश्वविद्यालय तक सीमित नहीं है। बिलासपुर जिले के प्रत्येक थाना और चौकी क्षेत्र में भी अभियान के तहत लोगों को साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताए जा रहे हैं। पुलिस का उद्देश्य युवाओं को साइबर सुरक्षा के प्रति सजग करने के साथ जागरूकता का संदेश परिवार और समाज तक पहुंचाना है।

कार्यक्रम में कलेक्टर संजय अग्रवाल, पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर पंकज कुमार पटेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण मधुलिका सिंह, प्रशिक्षु आईपीएस गगन कुमार, गुरु घासीदास विश्वविद्यालय के कुलपति संजय कुमार चक्रवाल, कुलसचिव प्रो. अश्वनी कुमार दीक्षित, प्रो. निदेशक मनीष श्रीवास्तव, पुलिस अधिकारी-कर्मचारी, प्राध्यापकगण और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।