बिलासपुर..छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने बिलासपुर प्रवास के दौरान प्रदेश की भाजपा सरकार पर महंगाई, बेरोजगारी, बदहाल सड़कों, बिजली कटौती और सरकारी भर्तियों में कथित गड़बड़ियों को लेकर निशाना साधा। उन्होंने सीजीपीएससी की चयन प्रक्रिया और परीक्षा के उत्तरों पर उठ रहे सवालों का हवाला देते हुए पूछा कि शिकायतें सामने आने के बाद भी सरकार निष्पक्ष जांच कराने से पीछे क्यों हट रही है? बघेल ने दावा किया कि प्रदेश में सत्ता विरोधी लहर है और आज चुनाव हुए तो सत्ताधारी विधायकों को जनता के बीच से लौटना पड़ सकता है।

भर्ती प्रक्रिया पर उठाए सवाल

बघेल ने सीजीपीएससी परीक्षा के कथित गलत उत्तरों और चयन प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए। उनका कहना था कि यदि भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी की शिकायतें सामने आ रही हैं, तो सरकार को निष्पक्ष जांच करानी चाहिए। उन्होंने भर्ती में अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों को लेकर भी सरकार को घेरा। उनके मुताबिक, सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे युवाओं को पारदर्शी चयन प्रक्रिया और अपने सवालों के जवाब मिलने चाहिए।

सड़कों से रसोई तक सरकार पर निशाना

पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सड़कों की हालत पर तंज कसते हुए कहा कि सड़कें इतनी खराब हैं कि उपमुख्यमंत्री अरुण साव भी स्कूटी से गिरकर घायल हो गए। उन्होंने बिजली कटौती के साथ बस किराये, पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस और राशन की बढ़ती कीमतों को लेकर भी सरकार को घेरा। बघेल ने आरोप लगाया कि महंगाई और बेरोजगारी से आम लोगों की मुश्किलें बढ़ रही हैं, जबकि सरकार जनता को राहत देने में नाकाम है।

एग्रीस्टैक और सर्वर की समस्या से किसान परेशान

बघेल ने किसानों की समस्याओं का मुद्दा उठाते हुए कहा कि एग्रीस्टैक और सर्वर संबंधी दिक्कतों के कारण किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मंत्रिमंडल के पुनर्गठन और मंत्रियों की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत के दौरे के संदर्भ में उन्होंने बजरंग दल की गतिविधियों को लेकर भी सवाल किए।

चुनाव आयोग और एसआईआर पर भी घेरा

दिल्ली में राहुल गांधी के साथ चुनाव आयोग के खिलाफ किए गए प्रदर्शन का जिक्र करते हुए बघेल ने एसआईआर प्रक्रिया रद्द करने, मतपत्र से चुनाव कराने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई। उन्होंने आरोप लगाया कि भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों, ट्रेनों के रद्द होने और महंगाई जैसी समस्याओं से जनता परेशान है। बघेल ने सरकार पर उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने का आरोप भी लगाया।

अपने पूरे बयान में बघेल ने भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता, महंगाई, बिजली व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं को लेकर सरकार को कठघरे में खड़ा करने की कोशिश की। उनके आरोपों और राजनीतिक दावों के बीच सीजीपीएससी भर्ती की शिकायतों पर निष्पक्ष जांच तथा आम लोगों की समस्याओं का समाधान प्रमुख मुद्दे बनकर सामने आए।