धान खरीदी अभियान की ग्राउंड रियलिटी: लाइनें भी दिखीं, खाली सेंटर भी… एसीएस के निरीक्षण के बीच दूसरे दिन 1333 क्विंटल उठाव

बिलासपुर…धान खरीदी अभियान के दूसरे दिन जिले के कई केंद्रों में धीरे-धीरे रफ्तार दिखाई दी, लेकिन कई स्थानों पर किसान अब भी आवक बढ़ने का इंतज़ार कर रहे हैं। आज जिले में कुल 1333 क्विंटल धान की खरीदी दर्ज हुई। प्रशासन ने 28 केंद्र खोले थे, मगर वास्तविक खरीदी सिर्फ 7 केंद्रों—कड़ार, गनियारी, जैतपुर, जयरामनगर, मल्हार, मानिकचौरी और सेन्दरी—में ही दिखी।
कुछ केंद्रों में भीड़, बाकी में सन्नाटा
कड़ार और गनियारी जैसे केंद्रों में सुबह से ही धीरे-धीरे किसान पहुंचते रहे। कई जगहों पर किसान धूप के नीचे खड़े दिखे, तो कुछ केंद्रों में बैठने की व्यवस्था ठीक-ठाक रही। सेन्दरी में किसानों ने बताया कि सुबह की ठंड में इंतज़ार मुश्किल होता है लेकिन टोकन व्यवस्था ने थोड़ी राहत दी है।
दूसरी ओर, कई केंद्र ऐसे भी रहे जहाँ आज एक भी किसान नहीं पहुँचा—या तो तैयार धान कम है या किसान अभी शुरुआती भीड़ से बचना चाह रहे हैं।
कल के लिए 58 केंद्रों के टोकन जारी
खाद्य विभाग के अनुसार कल 58 केंद्रों में खरीदी का कार्यक्रम तय है। इसका मतलब स्पष्ट है कि अगले 24 घंटों में जिले में खरीदी का दबाव बढ़ सकता है और असल परीक्षा केंद्रों की व्यवस्थाओं की होगी।
एसीएस पिंगुआ का ग्राउंड रिव्यू— नब्ज़ टटोली
जिले के प्रभारी सचिव एवं अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ आज अचानक निरीक्षण पर पहुँचे। उन्होंने छतौना, बोदरी और कड़ार केंद्रों का दौरा कर खरीदी व्यवस्था की स्थिति देखी।
कड़ार केंद्र में उन्होंने बारदानों की उपलब्धता, तौल प्रक्रिया, पीने के पानी और टोकन की व्यवस्था सहित पूरी चेकलिस्ट देखकर मौके की स्थिति पर अधिकारियों से सवाल भी किए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह और सहकारिता विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों की टीम किसानों से भी बातचीत करती दिखी, ताकि असल स्थिति को समझा जा सके।
किसान बोले—रफ़्तार थोड़ी बढ़े तो बेहतर हो
कई किसानों ने बताया कि खरीदी सुचारू है, लेकिन कुछ केंद्रों में स्टाफ की कमी से शुरुआत में देरी हो रही है। किसानों की मांग है कि दिन की भीड़ को देखते हुए स्टाफ और तौल मशीनों की संख्या बढ़ाई जाए, ताकि सुबह की भीड़ और शाम की कसरत से राहत मिले।









