Cg news।छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से सामाजिक सुधार और नशामुक्त समाज की दिशा में एक बेहद प्रेरणादायक खबर सामने आई है.

जिले के ग्राम पंचायत केवरा में ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से निर्णय लेते हुए 1 सितंबर से गांव में पूर्ण रूप से शराबबंदी लागू कर दी है. गांव की सीमा के भीतर शराब बनाने, बेचने और इसका सेवन करने पर सख्त पाबंदी लगा दी गई है. नियमों का उल्लंघन करने वालों से आर्थिक जुर्माना वसूलने का कड़ा प्रावधान किया गया है.

​गांव में शराबबंदी को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए ग्रामीणों ने एक विशेष ‘निगरानी समिति’ का गठन किया है. यह समिति गांव के प्रमुख रास्तों और बस्तियों में लगातार चौकसी बरत रही है:

​शराबबंदी लागू होने के बाद समिति ने अब तक 16 लोगों को नशे की हालत में पकड़ा है. जांच में सामने आया कि ये सभी लोग पड़ोसी गांवों से शराब पीकर केवरा पहुंचे थे.

​सरपंच की अगुवाई में आयोजित विशेष ग्रामसभा में इन सभी 16 लोगों को प्रस्तुत किया गया. उन्होंने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि वे दूसरे गांवों से शराब पीकर आए थे और भविष्य में ऐसी गलती न दोहराने का संकल्प लिया.

​ग्रामसभा के सर्वसम्मत फैसले के बाद 14 लोगों से 3-3 हजार रुपये तथा दो लोगों से 1,500-1,500 रुपये का दंड लिया गया. इस तरह कुल 45 हजार रुपये की जुर्माना राशि जमा कराई गई.

​केवरा गांव के निवासियों का कहना है कि 1 सितंबर से लागू इस फैसले के बाद गांव की आबो-हवा में सकारात्मक बदलाव आया है:

​ग्रामीणों के अनुसार, पहले करमा पर्व के दौरान शराब पीकर लोग हुड़दंग मचाते थे और आपस में हिंसक विवाद होते थे. लेकिन इस बार करमा पर्व पूरी तरह शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ.

​निगरानी समिति की सदस्य दयावती ने बताया कि शराबबंदी से गांव का माहौल काफी बदल गया है. पहले घरेलू हिंसा और गाली-गलौज की घटनाएं आम थीं, जिन पर अब विराम लग चुका है. गांव की महिलाएं और युवा इस फैसले का पुरजोर समर्थन कर रहे हैं.