gold price in india-दिल्ली। वैश्विक बाजारों में डॉलर की मजबूती और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में उछाल के चलते इस सप्ताह भारतीय सर्राफा बाजार में कीमती धातुओं की चमक फीकी पड़ती नजर आई। सुरक्षित निवेश के तौर पर माने जाने वाले सोने और चांदी की मांग पर दबाव के कारण इस कारोबारी हफ्ते में कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इस सप्ताह सोने की कीमतों में 1.15 प्रतिशत की कमी आई है, जबकि चांदी के भाव 2.88 प्रतिशत तक लुढ़क गए हैं।

gold price in india/बाजार के आंकड़ों पर नजर डालें तो शुक्रवार को 999 शुद्धता वाले 10 ग्राम सोने का भाव 1,42,860 रुपये रहा, जो इसी सप्ताह सोमवार को बाजार खुलने के समय 1,44,532 रुपये पर था।

यानी महज पांच दिनों के भीतर सोने के भाव में 1,672 रुपये की कटौती देखी गई। चांदी की स्थिति और भी चौंकाने वाली रही; शुक्रवार को चांदी 2,18,295 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर बंद हुई, जबकि सोमवार को इसकी शुरुआत 2,24,771 रुपये से हुई थी। इस तरह चांदी के खरीदारों और निवेशकों के लिए एक हफ्ते में यह 6,476 रुपये प्रति किलो तक सस्ती हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कोई बदलाव न करने और भविष्य में ‘सख्त रुख’ अपनाने के संकेतों ने सोने जैसी बिना ब्याज वाली संपत्तियों के प्रति आकर्षण कम किया है।gold price in india

वैश्विक परिस्थितियों ने भी इस उतार-चढ़ाव में बड़ी भूमिका निभाई है। एक ओर जहां अमेरिकी श्रम बाजार की मजबूती और कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता ने महंगाई की आशंकाओं को जन्म दिया है, वहीं दूसरी ओर मध्य पूर्व में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव निवेशकों को सतर्क कर रहा है।

ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनातनी के साथ-साथ लाल सागर में समुद्री सुरक्षा को लेकर बनी नई परिस्थितियों ने बाजार में अनिश्चितता का माहौल पैदा कर दिया है। हालांकि, विश्लेषकों का कहना है कि यदि इन क्षेत्रों में तनाव कम होता है और स्थायी युद्धविराम की दिशा में प्रगति होती है, तो ऊर्जा की कीमतें स्थिर होंगी, जिससे सोने-चांदी को फिर से वैश्विक समर्थन मिल सकता है।

तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार, फिलहाल कमोडिटी मार्केट में काफी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। एमसीएक्स (MCX) पर सोने के लिए 1,43,000 से 1,43,300 रुपये का स्तर एक मजबूत सपोर्ट (सहारा) का काम कर रहा है, जबकि 1,44,300 रुपये के ऊपर जाने पर इसे कड़े प्रतिरोध का सामना करना पड़ सकता है।

gold price in india/बाजार अब बेसब्री से सितंबर महीने का इंतजार कर रहा है, जहां फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना करीब 63 प्रतिशत जताई जा रही है। आने वाले दिनों में अमेरिकी महंगाई के आंकड़े, रोजगार रिपोर्ट और डॉलर इंडेक्स की चाल ही यह तय करेगी कि सोने और चांदी की कीमतों का अगला रुख क्या होगा।