बिलासपुर/कोटा…अपराध का स्वरूप बदल रहा है। एक ओर साइबर ठग मोबाइल की स्क्रीन के जरिए लोगों को निशाना बना रहे हैं, तो दूसरी ओर सड़क पर छोटी-सी लापरवाही जानलेवा हादसों का कारण बन रही है। इन्हीं दोनों चुनौतियों से निपटने के लिए कोटा पुलिस ने सोमवार को दोहरी जागरूकता मुहिम चलाते हुए विद्यार्थियों और आम नागरिकों को सुरक्षा का पाठ पढ़ाया।

पुलिस मुख्यालय के ‘चेतना विरुद्ध नशा’ और ‘प्रहार’ अभियान के तहत तथा पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर ग्राम नवागांव हाई स्कूल और कोटा के नाका चौक में विशेष जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

ग्राम नवागांव हाई स्कूल में विद्यार्थियों और शिक्षकों को साइबर अपराध के बदलते तरीकों से अवगत कराया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अनजान लिंक पर क्लिक करना, ओटीपी साझा करना, फर्जी कॉल और सोशल मीडिया पर होने वाली धोखाधड़ी से कैसे बचा जाए। छात्रों से कहा गया कि वे स्वयं सतर्क रहें और अपने परिवार के सदस्यों को भी साइबर अपराधियों के हथकंडों के प्रति जागरूक करें।

वहीं कोटा के नाका चौक पर आम नागरिकों और वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया गया। हेलमेट और सीट बेल्ट के उपयोग, निर्धारित गति सीमा का पालन, नशे की हालत में वाहन नहीं चलाने तथा मोबाइल पर बात करते हुए वाहन चलाने के दुष्परिणामों की जानकारी दी गई। पुलिस ने कहा कि सड़क पर थोड़ी-सी सावधानी कई परिवारों को जीवनभर के दुख से बचा सकती है।

कार्यक्रम के दौरान सहायक उप निरीक्षक शिव कुमार साहू, प्रधान आरक्षक मोहित कुमार सोनकर तथा कोटा थाना पुलिस के अन्य अधिकारियों और जवानों ने लोगों से संवाद कर उन्हें सुरक्षित डिजिटल जीवन और सुरक्षित यातायात के लिए आवश्यक सावधानियों की जानकारी दी।

कोटा पुलिस ने स्पष्ट किया कि इस तरह के जन-जागरूकता अभियान आगे भी लगातार आयोजित किए जाएंगे, ताकि साइबर अपराध और सड़क दुर्घटनाओं दोनों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।