बिश्रामपुर । क्षेत्रीय श्रम आयुक्त के आदेश के छह माह बाद भी केतकी भूमिगत खदान में कार्यरत सुरक्षा प्रहरियों को एचपीसी वेजेस और बकाया एरियर का भुगतान नहीं हो पाया है। इस मुद्दे को लेकर संयुक्त कोयला मजदूर संघ (एटक) ने एसईसीएल बिश्रामपुर क्षेत्र प्रबंधन को सात दिन का अल्टीमेटम दिया है। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित अवधि के भीतर भुगतान सुनिश्चित नहीं किया गया तो श्रमिक और यूनियन पदाधिकारी आमरण अनशन एवं आंदोलन शुरू करेंगे।

जानकारी देते हुए यूनियन के क्षेत्रीय सचिव पंकज कुमार गर्ग ने बताया कि लगभग एक वर्ष पूर्व सुरक्षा प्रहरियों को निर्धारित वेतन से कम भुगतान किए जाने का मामला क्षेत्रीय श्रम आयुक्त (आरएलसी), बिलासपुर के समक्ष उठाया गया था। मामले की सुनवाई के बाद क्षेत्रीय श्रम आयुक्त ने 15 दिसंबर 2025 को जारी आदेश में तीन माह के भीतर पात्र श्रमिकों को एचपीसी वेजेस और बकाया एरियर का भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे।

यूनियन का दावा है कि आदेश में निर्धारित समय-सीमा समाप्त हुए तीन माह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक आदेश का पालन नहीं हुआ है। वर्तमान में सुरक्षा प्रहरियों के लिए केंद्रीय न्यूनतम मजदूरी 781 रुपये प्रतिदिन निर्धारित है, जबकि ठेका कंपनी की ओर से 541 रुपये प्रतिदिन भुगतान दर्शाया जा रहा है। वहीं वर्ष 2026 के लिए निर्धारित एचपीसी वेज दर 1320 रुपये प्रतिदिन है। यूनियन का आरोप है कि इस अंतर के कारण श्रमिकों को प्रतिदिन सैकड़ों रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है।

एटक ने आरोप लगाया है कि ठेका कंपनी और उसके सब-कॉन्ट्रैक्टर द्वारा विभिन्न शिकायतों से बचने के लिए भ्रामक जानकारी प्रस्तुत की जा रही है तथा श्रम कानूनों का पालन नहीं किया जा रहा है। यूनियन के अनुसार सुरक्षा प्रहरियों की कुल बकाया एरियर राशि एक करोड़ रुपये से अधिक हो चुकी है। इसके अलावा 8 जून 2026 तक श्रमिकों से प्रतिदिन 12-12 घंटे कार्य कराया जाता रहा, जो श्रम नियमों के विपरीत है।

यूनियन का कहना है कि सुरक्षा प्रहरी ठेका कंपनी के माध्यम से कार्यरत हैं, लेकिन श्रम आयुक्त के आदेश के पालन और श्रमिकों को उनका वैधानिक भुगतान दिलाने की जिम्मेदारी से एसईसीएल प्रबंधन स्वयं को अलग नहीं कर सकता। इसी आधार पर यूनियन ने एसईसीएल प्रबंधन से हस्तक्षेप कर भुगतान सुनिश्चित कराने तथा संबंधित ठेका कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

यूनियन ने स्पष्ट किया है कि यदि आगामी सात दिनों के भीतर एचपीसी वेजेस और बकाया एरियर का भुगतान नहीं किया गया तो श्रमिक लोकतांत्रिक तरीके से आमरण अनशन और आंदोलन शुरू करेंगे। इसकी जिम्मेदारी एसईसीएल प्रबंधन और संबंधित ठेका कंपनी की होगी।

इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई तथा पेमेंट ऑफ वेजेस एक्ट के तहत रिकवरी सर्टिफिकेट जारी करने की मांग करते हुए पत्र की प्रतिलिपि मुख्य श्रम आयुक्त, नई दिल्ली, उप मुख्य श्रम आयुक्त, रायपुर तथा क्षेत्रीय श्रम आयुक्त, बिलासपुर को भी भेजी गई है। हालांकि इस मामले में एसईसीएल प्रबंधन का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका है। प्रबंधन का पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।