बिलासपुर..मतदाता सूची में सुधार और मतदान केंद्रों की व्यवस्था बदलने की तैयारी शुरू हो गई है। जिले के छह विधानसभा क्षेत्रों में मतदान केंद्रों के युक्तियुक्तकरण और पुनर्गठन को लेकर मंगलवार को कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी की अध्यक्षता में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की बैठक हुई। बैठक में प्रस्तावित बदलावों की जानकारी दी गई और उन पर प्रतिनिधियों की सहमति ली गई।

भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर मतदाता नामावलियों के विशेष पुनरीक्षण की तैयारी के बीच जिला निर्वाचन कार्यालय ने मतदान केंद्रों में संभावित बदलावों का खाका सामने रखा है। प्रस्ताव के अनुसार जिले में किसी नए मतदान केंद्र का निर्माण नहीं होगा और न ही किसी मतदान केंद्र का स्थान बदलेगा। हालांकि, आठ मतदान केंद्रों के भवनों में बदलाव, 18 मतदान केंद्रों के नाम में परिवर्तन और 40 मतदान केंद्रों के अनुभाग बदलने का प्रस्ताव है। छह अनुभागों के नाम में भी बदलाव किया जाना है। नए अनुभाग बनाने का कोई प्रस्ताव नहीं है।

जिला निर्वाचन कार्यालय के मुताबिक, विधानसभा क्षेत्रों में मतदान केंद्रों के युक्तियुक्तकरण के तहत कोटा में एक मतदान केंद्र के भवन में बदलाव और एक अनुभाग के नाम में परिवर्तन प्रस्तावित है। तखतपुर में आठ मतदान केंद्रों के भवन बदलने तथा 17 मतदान केंद्रों के अनुभागों के नाम में बदलाव का प्रस्ताव है। बिलासपुर विधानसभा क्षेत्र में किसी बदलाव का प्रस्ताव नहीं है। बिलासपुर पश्चिम में 24, बेलतरा में एक और मस्तूरी में 10 मतदान केंद्रों के अनुभागों में बदलाव प्रस्तावित है। मस्तूरी में एक मतदान केंद्र के भवन में बदलाव भी प्रस्तावित है।

बैठक में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को प्रस्तावों से अवगत कराया। निर्वाचन कार्यालय की ओर से बताया गया कि संबंधित प्रस्ताव निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों से प्राप्त हुए हैं। बैठक में मौजूद प्रतिनिधियों ने इन प्रस्तावों पर सहमति जताई।

मतदाता सूची पुनरीक्षण का कार्यक्रम

मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण की प्रक्रिया के लिए भी तारीखें निर्धारित की गई हैं। मतदाता सूची विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम की घोषणा 15 अक्टूबर 2026 को हो चुकी है। मतदान केंद्रों के युक्तियुक्तकरण और पुनर्गठन की तारीख 2 नवंबर निर्धारित है। एकीकृत मतदाता सूची का प्रारूप 12 नवंबर को प्रकाशित होगा। इसके बाद 12 नवंबर से 11 दिसंबर तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी। दावों और आपत्तियों का निराकरण 28 दिसंबर तक किया जाएगा, जबकि मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 4 जनवरी 2027 को होगा।

बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी शिवकुमार बनर्जी, निर्वाचन पर्यवेक्षक अंकित तिवारी, सहायक निर्वाचन पर्यवेक्षक ब्रजेश पाण्डेय, राहुल श्रीवास सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।