बिलासपुर… छत्तीसगढ़ में इन दिनों बिजली दरों में बढ़ोतरी, दोगुने बिल और लगातार हो रही बिजली कटौती को लेकर आम जनता में जबरदस्त नाराज़गी देखने को मिल रही है। यही मुद्दा अब राजनीतिक रंग लेने लगा है। युवा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा के निर्देश पर जिला शहर युवा कांग्रेस बिलासपुर ने इस नाराज़गी को आंदोलन का रूप देते हुए ‘बिजली बिल जलाओ आंदोलन’ शुरू करने का ऐलान किया है। आंदोलन 29 सितंबर को दोपहर 3 बजे इंदु चौक स्थित बिजली कार्यालय के सामने आयोजित किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और नागरिकों के जुटने की संभावना है।

सरकार पर बिजली दरों को लेकर गंभीर आरोप

जिला शहर युवा कांग्रेस अध्यक्ष शेरू असलम ने प्रदेश सरकार पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि आम जनता को राहत देने के बजाय बिजली दरें लगातार बढ़ाई जा रही हैं। ऊपर से दोगुना बिजली बिल थमाकर लोगों पर आर्थिक बोझ डाल दिया गया है। उन्होंने कहा कि बिजली कटौती की समस्या ने शहर से लेकर गांवों तक लोगों को बेहाल कर दिया है। असलम ने सभी कार्यकर्ताओं और युवाओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर आंदोलन को सफल बनाने की अपील की है।

आंदोलन का स्थान और समय तय

‘बिजली बिल जलाओ आंदोलन’ 29 सितंबर को दोपहर 3 बजे इंदु चौक स्थित बिजली कार्यालय के सामने आयोजित किया जाएगा। युवा कांग्रेस का कहना है कि यदि सरकार ने समय रहते दरों में कमी और बिल सुधार की दिशा में कदम नहीं उठाए, तो आंदोलन को और व्यापक स्वरूप दिया जाएगा।

बिजली बिलों पर जनता का गुस्सा क्यों फूटा

प्रदेश के शहरी और ग्रामीण इलाकों में हाल के महीनों में बिजली बिलों में अचानक हुई बढ़ोतरी ने उपभोक्ताओं को हैरान कर दिया है। घरेलू उपभोक्ताओं पर दोगुने बिजली बिल का बोझ लाद दिया गया है। इसके साथ ही बार-बार बिजली कटौती और बढ़ती दरों व अधिभार ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। ग्रामीण इलाकों में तो लंबी अवधि की बिजली कटौती आम बात बन चुकी है, जिससे खेती, व्यवसाय और घरेलू जीवन सभी प्रभावित हो रहे हैं।

जनता की पीड़ा —बिजली बिल ने तोड़ दी कमर

स्थानीय नागरिकों ने मौजूदा बिजली व्यवस्था पर खुलकर नाराज़गी जताई है। एक व्यापारी ने कहा, “महंगाई से पहले ही कमर टूटी है, ऊपर से बिजली बिल ने स्थिति और बिगाड़ दी।” वहीं, एक गृहिणी ने बताया कि “कई बार 10-12 घंटे तक बिजली नहीं रहती, बच्चों की पढ़ाई और घर का काम सब प्रभावित होता है।” एक उपभोक्ता ने कहा, “पिछले महीने का बिल अचानक दोगुना आ गया, समझ ही नहीं आ रहा कैसे भरेंगे।” इन आवाज़ों से साफ है कि जनता अब सब्र के आख़िरी पायदान पर खड़ी है।

सरकार के खिलाफ उग्र विरोध की तैयारी

महंगी बिजली और दोगुने बिलों के खिलाफ छत्तीसगढ़ में युवा कांग्रेस का यह आंदोलन आने वाले दिनों में राजनीतिक रूप से बड़ा मुद्दा बन सकता है। विपक्ष पहले ही बिजली नीति को लेकर सरकार को घेरने में जुटा है और अब जनता के समर्थन से सड़क पर उतरने की रणनीति ने सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। आने वाले दिनों में इस आंदोलन का स्वरूप और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।