पोटा केबिन में गूंजी ‘एआई’ की चर्चा: कलेक्टर ने बच्चों से पढ़वाई वर्णमाला और शिक्षकों को दी चैट जीपीटी से शिक्षा देने की सलाह
आवासीय विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं को लेकर भी कलेक्टर ने कड़े निर्देश दिए। बेंगलूर पोटा केबिन में बच्चों के भोजन और नाश्ते की व्यवस्था देखते हुए उन्होंने निर्देश दिया कि संस्था में रह रहे 349 बच्चों की संख्या के अनुरूप शौचालय निर्माण को प्राथमिकता दी जाए।

दंतेवाड़ा जिले के सुदूर क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता और आवासीय सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। इसी कड़ी में कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने शनिवार को विकासखंड कटेकल्याण के विभिन्न पोटा केबिन आवासीय विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने न केवल बच्चों के शैक्षणिक स्तर को परखा, बल्कि शिक्षकों को तकनीक के साथ कदम मिलाकर चलने के लिए प्रेरित भी किया।
बेंगलूर, गाटम, बड़ेलखापाल और मेंडोली स्थित इन आवासीय विद्यालयों में कलेक्टर ने बुनियादी जरूरतों और मरम्मत कार्यों का जायजा लेते हुए बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
निरीक्षण की शुरुआत बेंगलूर के पोटा केबिन से हुई, जहां कलेक्टर ने एक शिक्षक की भूमिका में नजर आते हुए कक्षा दूसरी और पांचवीं की छात्राओं से सीधा संवाद किया।
उन्होंने कक्षा दूसरी की छात्राओं से अंग्रेजी वर्णमाला सुनी और पांचवीं कक्षा के छात्रों से हिंदी पाठ के पैराग्राफ पढ़वाकर उनके उच्चारण की शुद्धता की जांच की। छात्रों द्वारा सही और स्पष्ट उच्चारण के साथ पाठ पढ़कर सुनाने पर कलेक्टर बेहद प्रभावित हुए और बच्चों की जमकर सराहना की। शिक्षा के साथ-साथ आधुनिक तकनीक पर जोर देते हुए उन्होंने कंप्यूटर कक्ष का अवलोकन किया और वहां मौजूद शिक्षकों को एक नवाचारी सुझाव दिया।
उन्होंने कहा कि आज के दौर में विद्यार्थियों को व्यावसायिक शिक्षा देने के लिए ‘चैट जीपीटी’ (ChatGPT) जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल्स का सहारा लिया जाना चाहिए, ताकि बच्चे भविष्य की तकनीक से परिचित हो सकें।
आवासीय विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं को लेकर भी कलेक्टर ने कड़े निर्देश दिए। बेंगलूर पोटा केबिन में बच्चों के भोजन और नाश्ते की व्यवस्था देखते हुए उन्होंने निर्देश दिया कि संस्था में रह रहे 349 बच्चों की संख्या के अनुरूप शौचालय निर्माण को प्राथमिकता दी जाए।
इसके बाद वे कन्या आवासीय परिसर गाटम पहुंचे, जहां 401 छात्राएं अध्ययनरत हैं। वहां उन्होंने अधीक्षिका से सुरक्षा और व्यवस्थाओं की जानकारी ली। कलेक्टर ने कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय छात्रावास और बालक आवासीय पोटाकेबिन मंडोली का भी दौरा किया। उन्होंने दूरदर्शिता दिखाते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि आगामी भीषण गर्मी को देखते हुए पेयजल की समस्या न हो, इसके लिए अभी से वैकल्पिक जल स्रोतों और व्यवस्थाओं की तैयारी कर ली जाए।
इस औचक निरीक्षण के दौरान कलेक्टर के साथ जिला मिशन समन्वयक (DMC) हरीश गौतम भी मौजूद रहे। कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव के इस दौरे से स्पष्ट है कि प्रशासन का ध्यान केवल भवनों तक सीमित नहीं है, बल्कि वह बच्चों के खान-पान, रहने की व्यवस्था और उन्हें आधुनिकतम शिक्षा प्रदान करने के प्रति गंभीर है।





