CG News-बेमेतरा जिले में सोमवार को शासकीय विद्यालयों के शिक्षकों ने अपनी लंबित मांगों और सेवा सुरक्षा को लेकर मोर्चा खोल दिया है। प्राथमिक और मिडिल स्कूल के शिक्षकों की समस्याओं को लेकर विभिन्न शिक्षक संगठनों के ‘संयुक्त मोर्चा’ ने जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय का जोरदार घेराव किया और शासन-प्रशासन के नाम एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा।

इस प्रदर्शन में छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन, नवीन शिक्षक संघ और सर्व शिक्षक संघ के पदाधिकारी व सैकड़ों शिक्षक शामिल हुए, जिन्होंने पदोन्नति में आ रही विसंगतियों और प्रशासनिक ढुलमुल रवैये के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

शिक्षक संगठनों की सबसे प्रमुख मांग शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) और सेवा सुरक्षा से जुड़ी है। प्रतिनिधिमंडल ने जोर देकर कहा कि सेवारत शिक्षकों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए NCTE के समन्वय से हर साल कम से कम दो बार विशेष TET का आयोजन किया जाना चाहिए।

इसके साथ ही, शिक्षकों ने एक महत्वपूर्ण तकनीकी बिंदु उठाते हुए मांग की है कि शिक्षा का अधिकार (RTE) लागू होने से पहले, यानी वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को TET की अनिवार्यता से पूरी तरह मुक्त रखा जाए, क्योंकि उनकी भर्ती तत्कालीन नियमों के आधार पर हुई थी। शिक्षकों ने यह भी मांग की है कि वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति की प्रक्रिया जारी रखी जाए और TET उत्तीर्ण करने के लिए शिक्षकों को 1 सितंबर 2028 तक का पर्याप्त समय दिया जाए।

प्रदर्शन के दौरान पदोन्नति काउंसलिंग को लेकर पैदा हुई विसंगति पर भी गहरा आक्रोश देखा गया। शिक्षकों का कहना है कि मार्च 2026 में पदोन्नति सूची जारी होने के बाद प्रशासन ने 11 अगस्त 2026 के एक आदेश के जरिए अचानक TET की जानकारी मांग ली, जिससे पूरी प्रक्रिया उलझ गई है।

शिक्षकों ने इस आदेश को अव्यावहारिक बताते हुए इसमें तत्काल संशोधन की मांग की है। उनका तर्क है कि बीच प्रक्रिया में नियमों में बदलाव करना शिक्षकों के मानसिक और पेशेवर हितों के साथ खिलवाड़ है।

स्थानीय स्तर पर लंबित समस्याओं ने भी शिक्षकों के सब्र का बांध तोड़ दिया है। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि सत्र 2025-2026 के लिए पात्र शिक्षकों को अब तक ‘मुख्यमंत्री शिक्षक अलंकरण पुरस्कार’ से सम्मानित नहीं किया गया है, जो उनके मनोबल को प्रभावित कर रहा है। साथ ही, बालवाड़ी केंद्रों के लिए तय मानदेय का भुगतान भी लंबे समय से अटका हुआ है। शिक्षकों ने विभागीय सूचना तंत्र की खामियों को दूर करने की भी मांग की, ताकि महत्वपूर्ण जानकारियां और आदेश समय पर उन तक पहुंच सकें और वे निर्धारित समय सीमा में अपनी रिपोर्ट जमा कर सकें।

बेमेतरा कलेक्टर और शिक्षा सचिव के नाम सौंपे गए इस ज्ञापन के जरिए शिक्षक संगठनों ने प्रशासन को कड़ी चेतावनी भी दी है। संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों का कहना है कि यदि इन जायज मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो प्रदेश भर के शिक्षक उग्र आंदोलन की रणनीति बनाने के लिए विवश होंगे। फिलहाल, जिला शिक्षा अधिकारी ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है,