बलौदाबाजार-भाटापारा। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में नाबालिग छात्राओं से छेड़छाड़ और लैंगिक अपराध के मामले में विशेष पॉक्सो न्यायालय ने आरोपी शिक्षक को छह वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।

विशेष न्यायाधीश गिर्जेश प्रताप सिंह ने 30 अक्टूबर को फैसला सुनाते हुए आरोपी को दोषी ठहराया। आरोपी की पहचान तिलक राम वर्मा (55 वर्ष) के रूप में हुई है। वह पलारी क्षेत्र के एक शासकीय स्कूल में पदस्थ था।

पुलिस के मुताबिक, मामला पलारी थाना क्षेत्र के एक शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला का है। 10 फरवरी 2025 को एक प्रार्थिया ने थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी।

शिकायत में आरोप लगाया गया था कि स्कूल में पदस्थ शिक्षक तिलक राम वर्मा नाबालिग छात्राओं को गलत नीयत से छूता था और उनके साथ अश्लील हरकत कर छेड़छाड़ करता था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 74 और 75(1) तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 8 और 9(f) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 10 फरवरी 2025 को ही आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया था। विवेचना के दौरान घटनास्थल का नक्शा तैयार किया गया और पीड़िताओं तथा गवाहों के बयान दर्ज किए गए।

पीड़िताओं के बयान भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 183 के तहत भी कराए गए। इसके अलावा, पीड़िता की आयु की पुष्टि के लिए स्कूल का दाखिल-खारिज रजिस्टर जब्त किया गया।

मामले में अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(2)(v) भी जोड़ी गई।

प्रकरण के जांच एवं विवेचना अधिकारी, पलारी थाने में पदस्थ एएसआई राजेश सेन ने 5 मई 2025 को न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया।

सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक की मौजूदगी में महत्वपूर्ण गवाहों के बयान, चिकित्सकीय साक्ष्य और विवेचक के परीक्षण के आधार पर अभियोजन पक्ष ने अपना पक्ष रखा। न्यायालय ने प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषसिद्ध करार दिया।

विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) गिर्जेश प्रताप सिंह ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 74 के तहत नौ बार के अपराध के लिए दो वर्ष का सश्रम कारावास और प्रत्येक अपराध पर 500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।

इस मद में कुल 4,500 रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर एक माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।

वहीं, पॉक्सो एक्ट की धारा 9(f)/10 के तहत नौ बार के अपराध के लिए छह वर्ष का सश्रम कारावास और प्रत्येक अपराध पर 1,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है। इस मद में कुल 9,000 रुपये का अर्थदंड लगाया गया है।

अर्थदंड नहीं चुकाने पर तीन माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा। न्यायालय ने सभी सजाएं साथ-साथ चलाने का आदेश दिया है।

आरोपी तिलक राम वर्मा, पिता मोतीलाल वर्मा, मूल निवासी ग्राम सरसेनी, थाना सुहेला का रहने वाला है। उसका वर्तमान निवास बघेल कॉलोनी, पलारी बताया गया है।