बिलासपुर.. छत्तीसगढ़ के स्थापना दिवस का उत्सव एक बार फिर संस्कृति, परंपरा और विकास की उपलब्धियों के रंगों से सजेगा। बिलासपुर में 2 नवंबर को पुलिस परेड मैदान में जिला स्तरीय राज्योत्सव का आयोजन होगा। समारोह में प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत के साथ विकास की यात्रा भी नजर आएगी। करीब 40 स्टॉलों में विभिन्न विभाग अपनी योजनाओं, उपलब्धियों और विकास कार्यों की झलक प्रस्तुत करेंगे, वहीं शाम को संगीत, नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजन को उत्सवी रंग देंगी। उप मुख्यमंत्री अरुण साव मुख्य अतिथि के रूप में समारोह में शामिल होंगे।

राज्योत्सव की तैयारियों को लेकर शनिवार को कलेक्टर संजय अग्रवाल ने पुलिस परेड मैदान पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने आयोजन की गरिमा के अनुरूप सभी तैयारियां समय पर पूरी करने और नागरिकों की सुविधा को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। खास तौर पर विभागीय प्रदर्शनी को केवल योजनाओं की जानकारी तक सीमित न रखते हुए ऐसा स्वरूप देने पर जोर दिया, जिससे लोगों को योजनाओं का लाभ भी मिल सके।

प्रदर्शनी में योजनाओं की जानकारी

राज्योत्सव में लगाए जा रहे करीब 40 स्टॉलों पर शासन की योजनाओं, विभागीय उपलब्धियों और विकास कार्यों को प्रदर्शित किया जाएगा। कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि स्टॉलों पर योजनाओं की जानकारी सरल और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत की जाए। जीवंत मॉडल के जरिए लोगों को योजनाओं की उपयोगिता समझाई जाए। साथ ही पात्र हितग्राहियों को मौके पर ही योजनाओं का लाभ दिलाने की व्यवस्था भी की जाए। इसके लिए विभागीय कर्मचारियों की मौजूदगी और जरूरी प्रचार सामग्री सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

शाम सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का सिलसिला

राज्योत्सव की शाम स्कूली बच्चों की प्रस्तुतियों और डीपीएस बैंड के साथ शुरू होगी। इसके बाद आरपीएफ बैंड अपनी प्रस्तुति देगा। साइबर साक्षरता कार्यक्रम के साथ एकॉर्डियन वादन भी आकर्षण का हिस्सा होगा। कथक नृत्यांगना राधिका शर्मा की प्रस्तुति के बाद तनिष्क वर्मा, कनक साहू और मयांशी खंडेलवाल गायन से समां बांधेंगे। शाम 7 से 7.30 बजे तक मंचीय कार्यक्रम होगा। इसके बाद तरंग बैंड, वंदिता साहू एंड ग्रुप की सामूहिक प्रस्तुति और अंत में अनुराग शर्मा एंड ग्रुप का कार्यक्रम होगा।

समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में विधायक धरमलाल कौशिक, धर्मजीत सिंह, सुशांत शुक्ला, दिलीप लहरिया और अटल श्रीवास्तव के अलावा महापौर पूजा विधानी, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी, क्रेडा अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी, पाठ्य पुस्तक निगम अध्यक्ष राजा पाण्डेय, योग आयोग अध्यक्ष संजय अग्रवाल, सहकारी बैंक अध्यक्ष रजनीश सिंह और नगर निगम सभापति विनोद सोनी शामिल होंगे।

गरिमा के साथ नागरिक सुविधाओं पर भी जोर

कलेक्टर ने मुख्य मंच, सांस्कृतिक मंच, बैठक व्यवस्था, प्रवेश और निकास मार्ग, पार्किंग तथा फूड जोन का निरीक्षण किया। महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के लिए सुगम आवागमन और बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। इसके अलावा पेयजल, स्वच्छ शौचालय, प्रकाश, साफ-सफाई, प्राथमिक उपचार और अग्नि सुरक्षा के इंतजाम समय पर पूरे करने के निर्देश दिए। विद्युत उपकरणों और अस्थायी संरचनाओं की सुरक्षा जांच कराने पर भी जोर दिया।

निरीक्षण के दौरान नगर निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल, अपर कलेक्टर वीरेंद्र बहादुर पंचभाई, एडीएम शिवकुमार बनर्जी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

इस बार बिलासपुर का राज्योत्सव महज सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की लोक विरासत, प्रतिभाओं और विकास की उपलब्धियों को एक मंच पर देखने का अवसर होगा।