राजनांदगांव। डोंगरगांव क्षेत्र के बिल्डिंग मटेरियल सप्लायरों ने डोंगरगांव एसडीएम कार्यालय में पदस्थ स्टॉफ के खिलाफ अवैध उगाही का आरोप लगाते तत्काल दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

सप्लायरों का आरोप है कि तहसीलदार के नाम पर एसडीएम कार्यालय में पदस्थ ड्राइवर और गार्ड जबरिया वसूली कर रहे हैं। उनके इस प्रताडऩा से तंग आकर एकजुट होकर सप्लायरों ने न सिर्फ कलेक्टर, बल्कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में भी शिकायत की है।

आरोप है कि एसडीएम कार्यालय में पदस्थ ड्राइवर हेमंत ठाकुर और होमगार्ड सैनिक कुंदन साहू हाईवा चालकों और  वाहन मालिकों को डरा-धमकाकर अवैध उगाही कर रहे हैं। मामले की लिखित शिकायत कलेक्टर, तहसीलदार, थाना प्रभारी और मुख्यमंत्री हेल्प लाइन नंबर 1076 में दर्ज कराई गई है।

बताया जा रहा है कि 19 जून की रात को अंबागढ़ चौकी निवासी लोकनाथ की हाईवा खुर्सीपार से गिट्टी लेकर वापस चौकी लौट रही थी, तभी कबीर मठ-नादिया मार्ग पर आधी रात को ड्राईवर हेमंत ठाकुर और होमगार्ड सैनिक ने वाहन को रूकवाया। घनघोर अंधेरा होने के कारण दो लोगों को संदिग्ध रूप से देखे जाने के बाद हाईवा ड्राईवर डर के मारे वाहन छोडक़र भाग गया। इस बीच हाईवा को कथित रूप से हेमंत ठाकुर और होमगार्ड सैनिक कुंदन साहू ने अपने अधीन रखा। इसके बाद से मामला उलझते चला गया। रोज-रोज की परेशानियों से तंग आकर सप्लायरों ने डोंगरगांव एसडीएम कार्यालय के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

इस बीच सप्लायर संघ ने एकजुट होकर तत्काल अवैध उगाही रोकने की मांग की। शिकायत में बताया गया कि रात लगभग 2 बजे वाहन मालिक लोकनाथ साहू को एक फोन कॉल में सैनिक द्वारा खुद को तहसीलदार का गार्ड बताते सेटलमेंट करने की सलाह दी।

यानी कथित मांग को पूरा करने दबाव बनाया गया। इस बीच वाहन मालिक ने आरोप लगाया कि हाईवा को आंशिक रूप से नुकसान भी पहुंचाया गया है। सप्लायर संघ का आरोप है कि पहले भी तहसीलदार और एसडीएम के नाम पर लाखों रुपए की उगाही की गई है। संघ की ओर से कुछ नाम गिनाए गए हैं। जिनमें मांगाटोला निवासी देवेन्द्र सार्वा के हाईवा से रायल्टी पर्ची होने के बावजूद 50 हजार रुपए लिया गया। वहीं तुयेगोंदी निवासी गुलाब साहू से भी 25 हजार रुपए जबर्दस्ती वसूला गया। इस तरह डोंगरगांव एसडीएम कार्यालय के स्टॉफ द्वारा कथित रूप से हाईवा चालकों और वाहन मालिकों से वसूली की गई। बहरहाल इस मामले में कलेक्टर की ओर से यह कार्रवाई हुई है, यह स्पष्ट नहीं हुआ है।