बलरामपुर..( पृथ्वी लाल केशरी)..निर्माणाधीन नालंदा परिसर में गुणवत्ता संबंधी खामियां सामने आने के बाद कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने सख्त रुख अपनाया। जिला मुख्यालय स्थित परिसर के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने निर्माण कार्य और उपयोग हो रही सामग्री का बारीकी से परीक्षण किया। इसी दौरान गुणवत्ताहीन ईंटों के इस्तेमाल की जानकारी मिलते ही उन्होंने नाराजगी जताई और तत्काल संबंधित कार्य रुकवाने के निर्देश दे दिए।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने निर्माण एजेंसी और संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं होगा। उन्होंने निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में तय मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए और केवल गुणवत्तायुक्त सामग्री का ही उपयोग हो।

कलेक्टर ने कहा कि नालंदा परिसर केवल एक भवन नहीं, बल्कि जिले के युवाओं के भविष्य की नींव है। यहां विद्यार्थियों को आधुनिक अध्ययन वातावरण और प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी हैं। ऐसे में निर्माण की गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।

उन्होंने यह भी कहा कि शासन का उद्देश्य युवाओं को ऐसा शैक्षणिक केंद्र देना है, जहां उन्हें अध्ययन, मार्गदर्शन और प्रतिस्पर्धी माहौल एक साथ मिल सके। इसलिए निर्माण में किसी भी प्रकार की लापरवाही सीधे विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा मामला माना जाएगा।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने परिसर में प्रस्तावित सुविधाओं की जानकारी भी ली और निर्माण कार्य को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। इस दौरान अपर कलेक्टर एवं अनुविभागीय अधिकारी अभिषेक गुप्ता तथा मुख्य नगर पालिका अधिकारी दीपक एक्का मौजूद रहे।